हनुमानगढ़ के पीलीबंगा थाना पुलिस ने चक 44 एनडीआर निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई कोर्ट से मिले इस्तगासे के आधार पर की गई है। आरोपी पर मजदूर की मजदूरी नहीं देने, खाली स्टाम्प और अन्य कागजों पर अंगूठा लगवाकर उनका गलत इस्तेमाल करने, मारपीट और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। दौलतांवाली निवासी 33 वर्षीय पीड़ित कृष्णलाल पुत्र साधुराम नायक ने हनुमानगढ़ की विशिष्ट न्यायाधीश (SC/ST प्रकरण) अदालत में इस्तगासा पेश किया था। कृष्णलाल ने आरोप लगाया कि मई 2024 में चक 44 एनडीआर निवासी सतपाल पुत्र रजीराम जाट ने उसे अपने करीब 40 बीघा खेत में खेती के काम के लिए मजदूरी पर रखा था। उस समय हर व्यक्ति को रोज 500 रुपए मजदूरी देने की बात हुई थी। पूरा परिवार करता था आरोपी के खेत पर काम इसके बाद कृष्णलाल अपनी पत्नी मैना, पिता साधुराम, मोहनलाल और जगदीश के साथ आरोपी के खेत में काम करने लगा। मजदूरों से खेत के काम के अलावा ओवरटाइम भी करवाया गया। उनसे आरोपी के घर के काम और पशुओं की देखभाल भी करवाई गई। इन अलावा कामों की अलग से मजदूरी देने का आश्वासन दिया जाता रहा। आरोपी ने घरेलू जरूरत का सामान और कुछ रुपए भी दिए, जिन्हें बाद में मजदूरी के हिसाब में एडजस्ट करने की बात कही गई थी। अप्रैल 2025 में फसल कटाई के बाद जब मजदूरी मांगी गई, तो टालमटोल की गई। आरोप है कि आरोपी इनकम टैक्स रिटर्न में आय का विवरण दिखाने के लिए नौकरनामा लिखवाने की बात कहकर कृष्णलाल को पीलीबंगा तहसील परिसर ले गया। वहां उसने 100 रुपए के स्टाम्प पर खाली स्टाम्प, प्रोनोट, रसीद और अन्य कागजों पर कृष्णलाल के अंगूठे के निशान करवाकर अपने पास रख लिए। 16.50 लाख मजदूरी हड़पी अप्रैल 2026 में दोबारा हिसाब करने पर 18 लाख रुपए मजदूरी और 1.44 लाख रुपए ओवरटाइम की राशि बकाया निकली। इसमें आरोपी की ओर से पहले दिए गए करीब 1 लाख रुपए और लगभग 50 हजार रुपए के राशन का समायोजन करने के बाद 16.50 लाख रुपए मजदूरी और 1.44 लाख रुपए ओवरटाइम की राशि बकाया होने का दावा किया गया है। मारपीट कर आरोपी ने धमकी भी दी इसके बाद आरोपी ने फसल बेचकर मजदूरी देने का आश्वासन दिया। वहीं, 7 मई 2026 को डाक से मिले एक पत्र से कृष्णलाल को पता चला कि उसके खाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उसे 4.80 लाख रुपए प्राप्त करना दर्शाया गया है और 86400 रुपए ब्याज जोड़कर कुल 5 लाख 66400 रुपए की मांग की जा रही है। मामले को लेकर चक 44 एनडीआर में पंचायत हुई। वहां मजदूरी की राशि मांगने और दस्तावेजों के दुरुपयोग का विरोध करने पर आरोपी ने कृष्णलाल व अन्य मजदूरों को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया, धक्का-मुक्की व मारपीट की और मजदूरी देने से इनकार करते हुए धमकी दी। प्रकरण की जांच रावतसर वृत्ताधिकारी विक्रम चौहान कर रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।