आरटीई के तहत मिलने वाली पुनर्भरण राशि का भुगतान नहीं होने से नाराज निजी स्कूल संचालकों ने मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। निजी विद्यालय संघर्ष समिति ने सरकार पर निजी स्कूलों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए प्री-प्राइमरी सहित सभी लंबित पुनर्भरण राशि तत्काल जारी करने की मांग की है। समिति के जिला संयोजक पवन चौधरी ने कहा कि समय पर राशि नहीं मिलने से निजी स्कूल आर्थिक संकट में हैं। कई संचालकों के सामने स्कूल बंद करने तक की स्थिति बन रही है। इससे आरटीई के तहत प्रवेशित बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। समिति के अनुसार 8 अगस्त 2026 को शासन और निजी स्कूल प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता में लंबित पुनर्भरण राशि अगस्त तक जारी करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद 5 अक्टूबर तक प्रदेश के कई निजी स्कूलों को भुगतान नहीं मिला। इससे संचालकों में नाराजगी बढ़ गई। समिति ने प्री-प्राइमरी सहित सभी लंबित आरटीई पुनर्भरण राशि जारी करने, तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से अटके प्रकरणों का निस्तारण करने और लंबित मान्यताओं के मामलों का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। समिति ने चेतावनी दी कि 10 अक्टूबर तक पूरा भुगतान नहीं हुआ तो 12 अक्टूबर से जयपुर के शहीद स्मारक पर बकाया राशि जारी होने तक अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। पदाधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शासन सचिव और शिक्षा विभाग के निदेशक के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन भी दिए जा चुके हैं। धरने में पवन चौधरी सहित बड़ी संख्या में निजी स्कूल संचालक मौजूद रहे। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि आरटीई के तहत निजी स्कूलों को मिलने वाली पुनर्भरण राशि में देरी से संस्थानों के संचालन पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से भुगतान प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध करने की मांग की। साथ ही दस्तावेजों की कमी या तकनीकी खामियों के कारण लंबित आवेदनों का तत्काल निस्तारण करने की मांग की। समिति ने कहा कि समय पर भुगतान नहीं होने पर आंदोलन को प्रदेश स्तर पर और तेज किया जाएगा।