भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने राजस्थान में पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनाव में संसद और विधानसभा की तर्ज पर दलबदल विरोधी कानून लागू करने की पैरवी की है। निकाय चुनाव में सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों पर राठौड़ ने कहा- हम सत्ता का दुरुपयोग करते तो कांग्रेस एक बोर्ड नहीं बना पाती। निर्दलीय विधायक की गिरफ्तारी पुलिस की जांच की प्रक्रिया थी। दैनिक भास्कर से राठौड़ ने कहा- पंचायत चुनाव के बाद मंत्रिमंडल से कुछ चेहरों को संगठन में भेजा जाएगा। पढ़िए- पूरा इंटरव्यू भास्कर: आप शहरी निकाय चुनाव जीत गए। लेकिन वार्डों में एक फीसदी से कम वोटों का ही अंतर है। पहले यह बड़ा था। क्या यह अलार्मिंग सिग्नल है? मदन राठौड़: यह बात सही नहीं है, वोट प्रतिशत का अंतर बहुत बड़ा है। हमने दो तिहाई बोर्ड बनाकर दो तिहाई वोट प्राप्त किए हैं। कांग्रेस एक तिहाई पर ही सिमट गई। अब आप ही अंदाजा लगा लीजिए कि वोट प्रतिशत किसके साथ में है। यह कांग्रेस के पक्ष में तो नहीं है। भास्कर: 100 से ज्यादा जगहों पर भाजपा के पास बहुमत नहीं था। आरोप है कि यहां सत्ता का दुरुपयोग करके जबरन पार्षदों को अपने पक्ष में किया? मदन राठौड़ : कोई कांग्रेसी किसी व्यक्ति या पार्षद का अपहरण करके ले गया। परिजनों ने मुकदमा दर्ज कराया और उसे लाकर परिजनों को सौंपना ही होगा। अब पार्षदों ने अपने विवेक का इस्तेमाल करके हमें समर्थन दिया तो कांग्रेस को तकलीफ क्यों हो रही है? अगर हम सत्ता का दुरुपयोग करते तो कांग्रेस जितनी सीटें जीती हैं, वह जीत सकती थी क्या? जितने बोर्ड बनाए, उतने बना सकती थी क्या? भास्कर: चुनाव के समय ही पुराने मुकदमों में पुलिस की कार्रवाई क्यों आगे बढ़ी? विधायक गणेशराज बंसल की अचानक गिरफ्तारी की गई? मदन राठौड़ : निर्दलीय विधायक गणेश राज बंसल के खिलाफ बहुत पुराना मुकदमा है। अब जांच करते-करते जब यह स्थिति आ गई, तथ्य सामने आ गए। पुख्ता सबूत आ गए तो पुलिस को कार्रवाई करनी होती है। पुलिस कब कार्रवाई करे, उसमें हम पंचायती नहीं कर सकते। हमें तो यह भी नहीं पता कि उन्होंने इतने अपराध किए थे। वह जब भी हमारे पास आते थे, सम्मान करते थे। भास्कर : जानकार कह रहे हैं कि इस बार निकाय चुनाव में जिस तरह की घटनाएं हुईं, वो पहली बार देखीं? मदन राठौड़: बाड़ेबंदी शब्द अशोक गहलोत का दिया हुआ है। ये अपने पार्षदों को बेंगलुरु क्यों लेकर गए थे? हम करें तो अपराध, ये करें तो बाड़ाबंदी सही है। मुझे लगता है उन पर बढ़ती उम्र का असर हो गया है। अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने कांग्रेस राज में अपने-अपने विधायकों की बाड़ेबंदी की थी। वो बहुत हल्के स्तर की बाड़ेबंदी थी। सौ चूहे खाकर बिल्ली अब हज को चली है। भास्कर: पंचायतों में सांसद-विधायकों की तरह दल-बदल कानून लागू होना चाहिए? क्या आप सरकार को बिल लाने का सुझाव देंगे? मदन राठौड़ : यह अच्छा सुझाव है, दल-बदल कानून निकाय और पंचायत चुनाव में लागू होना चाहिए। जिस सिद्धांत को लेकर व्यक्ति जनता के बीच जाता है, उस पर वह कायम रह सके। जिस पार्टी की नीति पर वोट मांगे हैं, उस पर वह कायम रहे, इसके लिए जरूरी है। मेरा व्यक्तिगत विचार है कि दल-बदल निरोधक कानून होना चाहिए। भास्कर : मंत्रिमंडल में शामिल होने या ड्रॉप के लिए क्या मापदंड होंगे? फेरबदल पंचायत चुनाव के तुरंत बाद होगा या कुछ लंबा खिंचेगा? मदन राठौड़: राजनीतिक नियुक्तियों में थोड़ी देरी हुई है। क्योंकि कांग्रेस कार्यकाल में जो नियुक्तियां हुईं, उन्हें हमने हटाया नहीं था। अब ये नियुक्तियां की जाएंगी। जो योग्य कार्यकर्ता हैं, जिन्हें टिकट नहीं मिल पाया, किसी भी चुनाव में। उन्हें मौका दिया जाएगा। वहीं, मंत्रिमंडल फेरबदल मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। हम सोचते हैं कि पंचायत चुनाव के तुरंत बाद यह हो जाएगा। भास्कर : पहले प्रदेश प्रभारी लंबे समय तक रहे थे। इस बार जल्दी बदलने का क्या कारण है? मदन राठौड़: प्रभारी जल्दी कहां बदले, काफी टाइम रहे हैं। अपने हिसाब से प्रभारी नियुक्त किए हैं। यह कोई नई बात नहीं है।तालमेल होना अच्छी बात है। सत्ता और संगठन में तालमेल होने से सरकार भी व्यवस्थित चलती है, संगठन भी कार्यकर्ताओं का मान बढ़ाने में भागीदार होता है। मैं किसी विषय पर मानस बना कर जाऊं और मुख्यमंत्री मुझे समझा देते हैं कि यह ठीक नहीं है तो मैं मानने को तैयार हूं। भास्कर : चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर विपक्ष सहित कई संगठनों ने गंभीर सवाल उठाए हैं? मदन राठौड़: ज्ञानेश कुमार ने जो किया, सही किया, देशहित में किया। राजनीतिक लाभ लेने के लिए बाहरी लोगों को यहां की नागरिकता देकर उन्हें वोटिंग पावर दिला दें। यह ठीक बात नहीं है। जिसका नाम इस देश की मतदाता सूची में है या पिताजी का है या दादा का है। वंशावली में भी कहीं है तो वही देश का नागरिक है। …. राजस्थान की राजनीति से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बोले- कांग्रेस में झगड़े की जड़ डोटासरा:सचिन और गहलोत एक-दूसरे से अब आंख तक नहीं मिलाते भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर निशाना साधा हैं। उन्होंने कहा- कांग्रेस में झगड़े की जड़ डोटासरा हैं। कांग्रेस में डोटासरा बिना फुटबॉल के फुटबॉल खेल रहे हैं। पूरी खबर पढ़िए… CM बोले-नकारी गई पार्टी SIR पर सवाल खड़े कर रही:राहुल गांधी ने राफेल पर झूठ बोला,फिर कोर्ट में माफी मांगी; कांग्रेस से पूछे 5 सवाल सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- विपक्ष हमारी संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की बात कर रहा है। कांग्रेस पार्टी गलत तथ्यों के आधार पर संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगा रही है। पूरी खबर पढ़िए…