जयपुर के मानसरोवर स्थित दीप स्मृति ऑडिटोरियम में राजस्थान फिल्म फेस्टिवल का आयोजन हुआ। इस फेस्टिवल में अलग-अलग रीजनल फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी चुनिंदा फिल्मों, कलाकारों और तकनीकी प्रतिभाओं को विभिन्न कैटेगरी में अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। समारोह में बॉलीवुड के साथ क्षेत्रीय सिनेमा से जुड़े कलाकारों भी मौजूद रहे। इस दौरान एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी को लाइफटाइम अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उन्होंने मंच पर नब्बे के दशक के सुपरहिट गानों पर डांस भी किया। समारोह की मेजबानी बॉलीवुड एक्टर शरमन जोशी और ईशा कोपिकर ने की। दोनों ने अपने अंदाज से दर्शकों का मनोरंजन किया। खास तौर पर शरमन जोशी का राजस्थानी अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आया। उन्होंने राजस्थानी डायलॉग बोलकर ऑडियंस से कनेक्ट किया। वहीं ईशा कोपिकर ने अपनी आवाज और स्टेज प्रजेंस से कार्यक्रम में अलग रंग भरा। यहां देखिए इवेंट के फोटोज
ममता कुलकर्णी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड फेस्टिवल में बॉलीवुड एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। विभिन्न भाषाओं की फिल्मों में काम कर चुकीं ममता कुलकर्णी को उनके लंबे फिल्मी कॅरियर और सिनेमा में योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया। ममता ने कहा कि उन्होंने रीजनल सिनेमा से कॅरियर की शुरुआत की थी और कई भाषाओं में काम किया। बॉलीवुड में लगभग अधिकांश फिल्में हिट रही। 15 साल की जर्नी को याद किया गया है, यह मेरे लिए बहुत बड़ा पल है। अवॉर्ड हासिल करने के बाद ममता कुलकर्णी ने मंच पर अपनी फिल्मों के दौर को भी याद किया। उन्होंने अपने चर्चित गानों पर प्रस्तुति देकर दर्शकों को 90 के दशक की याद दिला दी। उनकी प्रस्तुति के दौरान ऑडिटोरियम में मौजूद दर्शकों में खास उत्साह देखने को मिला। लाइव परफॉर्मेंस ने बांधा समां अवॉर्ड सेरेमनी के साथ कार्यक्रम में संगीत और डांस की प्रस्तुतियां भी हुईं। श्रवण सागर, चारु असोपा, रवींद्र उपाध्याय, हनी ट्रूपर-रिनी चंद्रा और मुस्कान ने लाइव परफॉर्मेंस दी। कलाकारों ने अलग-अलग गीतों पर प्रस्तुति देकर समारोह को मनोरंजन से भर दिया। राजस्थानी गीतों पर हुई प्रस्तुतियां भी दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र रहीं। राजस्थान फिल्म फेस्टिवल की फाउंडर संजना शर्मा ने कहा कि आरएफएफ सिर्फ एक फिल्म समारोह नहीं, बल्कि देश की अलग-अलग क्षेत्रीय भाषाओं और वहां बनने वाले सिनेमा का उत्सव है। क्षेत्रीय फिल्मों को बड़े मंच पर लाने और उनसे जुड़े कलाकारों व तकनीकी प्रतिभाओं को सम्मान देने के उद्देश्य से फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं में लगातार अच्छा सिनेमा बन रहा है। आरएफएफ इन फिल्मों को दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री के सामने लाने का काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि अगले साल राजस्थान फिल्म फेस्टिवल का 15वां एडिशन होगा और इसे अब तक का सबसे बड़ा समारोह बनाने की तैयारी की जाएगी। इसकी तैयारियां जल्द शुरू होंगी। राजस्थान फिल्म फेस्टिवल अवॉर्ड्स : रीजनल सिनेमा कैटेगरी राजस्थान फिल्म कैटेगरी के अवॉर्ड राजस्थानी सिनेमा और राजस्थान की क्षेत्रीय फिल्म इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के लिए राजस्थान फिल्म कैटेगरी में भी इन्हीं प्रमुख रचनात्मक, अभिनय और तकनीकी क्षेत्रों को शामिल किया गया। फिल्मों के साथ कलाकारों और तकनीकी प्रतिभाओं को भी सम्मान प्रोग्रामिंग हैड अनिल जैन ने कहा कि राजस्थान फिल्म फेस्टिवल में अवॉर्ड की कैटेगरी को केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रखा गया है। निर्देशन, लेखन, सिनेमैटोग्राफी, अभिनय, संगीत, गायन और गीत लेखन जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाली प्रतिभाओं को भी सम्मान दिया गया। इससे फिल्म निर्माण के अलग-अलग पक्षों से जुड़े कलाकारों और तकनीशियनों को पहचान मिलने का मंच मिलता है।