राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से आयोजित वरिष्ठ शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 में डमी कैंडिडेट बैठाकर परीक्षा उत्तीर्ण करने के आरोपी को राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। मामले में पुलिस थाना सिविल लाइंस, अजमेर ने कूका (बागोड़ा), जालोर निवासी गोपीलाल पुत्र बाबूलाल बिश्नोई को 28 जुलाई को गिरफ्तार किया था। आरोपी पर आरोप था कि उसने भर्ती परीक्षा में अपनी जगह डमी कैंडिडेट को बैठाया था। अभियोजन के अनुसार, मामले का खुलासा दस्तावेज सत्यापन के दौरान हुआ। इसके बाद RPSC की ओर से पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई गई। आरोपी की ओर से अधिवक्ता वाई.एस. जादौन, अधिवक्ता राजू जानी एवं अधिवक्ता अनिता वर्मा ने पैरवी की। अधिवक्ताओं ने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि आरोपी ने स्वेच्छा से ज्वाइनिंग नहीं दी और कथित परीक्षा के आधार पर कोई लाभ प्राप्त नहीं किया। साथ ही, आरोपी को मामले में झूठा नामजद किए जाने की दलील भी रखी गई। हाईकोर्ट ने मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों तथा दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद आरोपी को जमानत का लाभ प्रदान कर दिया।