जोधपुर राजस्थान हाईकोर्ट की तीनों एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आपात बैठक की। इसमें हाल ही सामने आए न्यायपालिका से जुड़े घटनाक्रम पर गंभीर चिंता जताई गई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि मामला न्यायपालिका की संस्थागत गरिमा, स्वतंत्रता और आमजन के विश्वास से जुड़ा है, इसलिए किसी भी तरह का जल्दबाजी में निर्णय नहीं लिया जाएगा। बैठक में मीडिया में प्रकाशित उन समाचारों पर भी चर्चा की गई, जिनमें सर्वोच्च न्यायालय के जस्टिस संदीप मेहता द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश को तीन पत्र भेजे जाने और राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की कार्यशैली को लेकर विभिन्न आपत्तियां और आरोप लगाने की बात सामने आई है। साथ ही इस संबंध में संस्थागत स्तर पर जांच की चर्चा को भी बैठक में गंभीरता से लिया गया। तथ्यों के आधार पर होगा फैसला तीनों एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों का अध्ययन किए बिना कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा। दो दिन बाद तीनों एसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी। इसमें पूरे मामले पर विस्तार से विचार-विमर्श कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। न्यायपालिका की गरिमा पर जोर बैठक में कहा गया कि न्यायपालिका लोकतांत्रिक व्यवस्था में आमजन के विश्वास का प्रमुख केंद्र है। न्यायपालिका के किसी पद या संस्थागत व्यवस्था के कथित दुरुपयोग की स्थिति में निष्पक्ष और गंभीर कार्रवाई आवश्यक है। किसी भी घटना से न्यायपालिका की निष्पक्षता, गरिमा और विश्वसनीयता प्रभावित नहीं होनी चाहिए। पारदर्शिता की अपेक्षा बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने न्यायपालिका से अपेक्षा जताई कि पूरे मामले में संस्थागत गरिमा, न्यायिक स्वतंत्रता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान का अधिवक्ता समुदाय न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा आमजन के न्याय व्यवस्था पर विश्वास को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार एवं सकारात्मक भूमिका निभाता रहेगा। बैठक में तीनों एसोसिएशन के अध्यक्ष और महासचिव मौजूद रहे। यह खबर भी पढ़ें... राजस्थान हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस को हटाने की मांग:सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश ने CJI को लिखे लेटर, कहा- जजों को ट्रांसफर की धमकी देते हैं सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने राजस्थान हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा को हटाने की मांग की है। जस्टिस मेहता ने CJI सूर्यकांत को लेटर लिखा। इसमें कहा गया कि जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं। (पूरी खबर पढ़ें)