हाईकोर्ट ने राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण (रेट) में लंबे समय से खाली चल रहे अध्यक्ष के पद लेकर एक बार फिर राज्य सरकार पर नाराजगी जताई है। जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने कहा- सरकार तीन सप्ताह में रेट चेयरमैन के पद पर स्थायी नियुक्ति करें। वरना डीओपी सेक्रेटरी स्पष्टीकरण के साथ व्यक्तिगत रूप से पेश हो जाएं। यह आदेश बेंच ने वकील दिलीप सिंह कुरका, संदीप कलवानिया सहित अन्य वकीलों की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने मामले में मौखिक टिप्पणी करते मंगलवार को कहा था कि हमने पहले सख्ती दिखाई थी तो खाली चल रहे पदों पर सदस्यों की नियुक्ति की थी। अब सरकार बता दें कि चेयरमैन के पद पर कब तक स्थायी नियुक्ति कर देगी, वरना हम मुख्य सचिव को बुलाएंगे। इस पर सरकार की ओर से बुधवार को कहा गया कि हम तीन सप्ताह में चेयरमैन की नियुक्ति कर देंगे। 6 महीने से चेयरमैन का पद खाली अधिवक्ता सुनील समदड़िया ने बताया कि रेट चेयरमैन के रूप में विकास सीताराम भाले का 19 मार्च 2026 को ट्रांसफर होने के बाद से यह पद खाली चल रहा है। इसके अलावा रेट में चार सदस्यों के पद भी हैं। इसमें से दो पद लंबे समय से खाली चल रहे थे, लेकिन हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सरकार ने 11 अगस्त को इन पदों पर नियुक्ति कर दी थी। वहीं कोर्ट में कहा था कि रेट चेयरमैन की नियुक्ति प्रक्रियाधीन है, जो जल्द कर दी जाएगी। लेकिन चेयरमैन का पद आज भी खाली चल रहा है। कार्यव्यवस्था के तहत सदस्य पूर्व IAS अधिकारी प्रकाश शर्मा को अध्यक्ष का कार्यभार दे रखा है। अगर ट्रिब्यूनल नहीं चला सकते हो तो इसे बंद कर दो दरअसल, वकीलों ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करके रेट में अध्यक्ष और सदस्यों के नहीं होने पर सुनवाई प्रभावित होने का मुद्दा उठाया था। इस पर 4 अगस्त को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था- अगर ट्रिब्यूनल नहीं चला सकते हो तो इसको बंद कर दो। आपने इतनी बड़ी तादाद में ट्रांसफर कर दिए, कर्मचारी अपनी शिकायत लेकर कहां जाएंगे। इसके बाद 11 अगस्त को सरकार ने रेट में दो सदस्यों की नियुक्ति करते हुए जयपुर बेंच में चल रहे खाली पद भर दिए थे, लेकिन जोधपुर बेंच में आज भी एक प्रशासनिक सदस्य का पद खाली चल रहा है।