राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर श्रम विभाग ने आदेश जारी किया है। इसके तहत, नगरीय निकायों के चुनाव वाले इलाकों में आने वाले औद्योगिक और वाणिज्यिक संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को मतदान के दिन सवेतन छुट्टी मिलेगी। आदेश में कहा कि चुनाव में वोट डालने का हक रखने वाले हर कर्मचारी को मतदान के दिन छुट्टी दी जाएगी। इस छुट्टी के कारण कर्मचारी की मजदूरी में कोई कटौती नहीं होगी। अगर कोई कर्मचारी उस दिन काम पर नहीं होता और उसे आमतौर पर मजदूरी नहीं मिलती, तो भी उसे उस दिन की मजदूरी उसी दर से दी जाएगी, जिस दर पर उसे छुट्टी न मिलने की स्थिति में मिलती। नियमों का उल्लंघन करने वाले मालिक पर 500 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, यह नियम उन चुनावों पर लागू नहीं होगा, जहां कर्मचारी की गैर-मौजूदगी से काम में कोई बड़ा खतरा या नुकसान हो सकता है। मतदान के दिन वोट के लिए मिलेगी छुट्टी राज्य सरकार ने नगरीय निकायों के चुनाव वाले इलाकों में मौजूद सभी औद्योगिक और वाणिज्यिक संस्थानों के मालिकों को निर्देश दिए हैं। उन्हें 9 सितंबर और 11 सितंबर 2026 को अपने यहां काम करने वाले सभी योग्य कर्मचारियों, जिनमें आकस्मिक कर्मचारी भी शामिल हैं, को मतदान के दिन सवेतन छुट्टी देनी होगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि सभी मतदाता बिना किसी दबाव के अपने वोट का इस्तेमाल कर सकें। रिटर्निंग अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी को दी जा सकेगी जानकारी अगर कोई मालिक इन नियमों का पालन नहीं करता और कर्मचारी को मतदान के दिन छुट्टी नहीं देता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित रिटर्निंग अधिकारी या जिला निर्वाचन अधिकारी को जानकारी दी जा सकती है।