नमस्कार, कांग्रेस वाले नहा-धोकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पीछे पड़ गए हैं। नहाने-धोने के दौरान शैंपू का इंतजाम भी नजर आया। भारत आदिवासी पार्टी के सांसद और विधायक आपस में ही एक-दूसरे को चुनौती देते दिखे। सांसद हनुमान बेनीवाल को जनरेशन की चिंता सता रही है और विधायक व पूर्व-विधायक के बीच क्रिकेट का रोमांचक मुकाबला हुआ। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. कांग्रेस के इंकलाब में शैंपू वाला ‘कार्यकर्ता’ गहलोत साहब अपने कार्यकर्ताओं को नसीहत दे रहे थे। वे कह रहे थे- RSS वालों को देखो, वे कैसे घर-घर जाकर लोगों से मिलते हैं। कुल मिलाकर कांग्रेस एक्टिव है और किसी भी आपदा को अवसर में बदलने के लिए आमादा है। कॉकरोचों से उन्होंने यह सीखा है कि धर्म और धर्मस्थलों के मुद्दे की जगह ऐसे पचड़ों में टांग फसाओ जिनका सरोकार आम जनता से है। निचोड़ यह निकला कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा मांगा जाए। आरोप लगाया कि SIR में गड़बड़ी की बात निचले आयुक्त बता चुके हैं। इसके बाद हल्लाबोल तय। पूरे देश के 15 राज्यों में कांग्रेस ने एक साथ ‘इंकलाब जिंदाबाद’ कर दिया। राजधानी जयपुर में गहलोत, जूली, डोटासरा की अगवानी में छोटे-बड़े सब कार्यकर्ता जुट गए। कांग्रेसियों का हुजूम नारेबाजी करते हुए बढ़ने लगा। उनके इरादों पर पानी फेरने के लिए वाटर कैनन का इंतजाम किया हुआ था। कैनन वाले ने धार साधी और गहलोत जूली डोटसरा समेत सभी कांग्रेसी तरान्तर हो गए। एक कार्यकर्ता ने ‘आपदा में अवसर’ का मूलमंत्र रटा हुआ था। वाटर कैनन की बौछार देख उसने जेब से शैंपू निकाला और माथे पर रगड़ लिया। इसके बाद कैनन वाले की ओर दोनों हाथ उठाए और बोला- जल्दी पानी डालो। वाटर कैनन की वैन पर भी कोई नौसिखिया ही बैठा था। एक-दो बार तो उसने कांग्रेसियों का मुकाबला कर रहे पुलिस के जवानों पर ही तीखी धार मार दी। कुल मिलाकर कांग्रेस के लिहाज से आंदोलन सफल रहा। भीगने के बाद सभी माननीय नेतागण को पुलिस की वैन में बैठाकर ले जाया गया। इंजन के ढक्कन पर बैठे जूली जी जोश में चिल्लाए- राहुल गांधी…जवाब आया- जिंदाबाद। खड़गे साहब…जवाब आया- जिंदाबाद… 2. सांसद पर भारी पड़े विधायक भारत आदिवासी पार्टी किसी भी मुद्दे पर फिलहाल किसी से भी पंगा लेने के मूड में नहीं है। ऐसे में सांसद-विधायक आपस में ही एक दूसरे को चुनौती दे रहे हैं। दरअसल डूंगरपुर के चौरासी इलाके में बोडामली गांव में खेल-कूद प्रतियोगिता हुई। प्रतियोगिता में सांसद राजकुमार रोत और चौरासी विधायक अनिल कटारा भी पहुंचे। तब बालिकाओं का कबड्‌डी खेल चल रहा था। खेल में रोमांच का तड़का लगाने के लिए सांसद और विधायक ने अलग-अलग पाले थाम लिये और दो टीमें बना लीं। विधायक अनिल कटारा कबड्‌डी-कबड्‌डी बोलते हुए सांसद के पाले में पहुंचे। सांसद ने अपनी टीम को तैयार नहीं किया था। विधायक ने पाले का पूरा चक्कर लगाया। सांसद की टीम की एक साहसी बालिका ने लपककर विधायक के पैर पकड़ लिए। लेकिन सांसद जी ने पकड़ बनाने में देर कर दी। तीन चार बालिकाओं और सांसद जी को घींसते हुए विधायक जी सीमा-रेखा तक पहुंचने में कामयाब रहे। सांसद महोदय आउट होकर बैठ गए। 3. हनुमान बेनीवाल को जनरेशन की चिंता यूथ से हनुमान बेनीवाल का गहरा जुड़ाव है। बात जब समाज के युवाओं की आती है तो बेनीवाल के माथे पर चिंता की लकीरें भी उभर आती हैं। वे समाज का भला चाहते हैं। इसलिए समाज के नेताओं को भी लीक से इधर-उधर देखते हैं तो भला-बुरा कहने में कोताही नहीं बरतते। हाल ही एक सामाजिक कार्यक्रम में वे समाज को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा- मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता लेकिन देश के दो बड़े नेताओं के बच्चे ठीक-ठाक थे। एक दिन किसी ने आकर कहा- साहब, इनका बेटा लड़की बन गया। मैंने कहा यार पागल है क्या। वो बोला-बच्चे बस में रहते कहां हैं? ऐसा होने लगा तो नई परंपरा पड़ जाएगी। अपने बच्चे तो भोले हैं, ऐसे ही किसी को पकड़ लिया तो आबादी और कम कर देंगे। इन्हें जो काम नहीं करना वो पहले करते हैं। सही काम करो। 4. चलते-चलते… खींवसर विधायक अपनी ही मौज में रहते हैं। एक घटना के कारण उनका डाउनफॉल आया लेकिन अब दोबारा मिजाज में आ गए हैं। हर छोटे-बड़े कार्यक्रम में शिरकत करते हैं। चिर-परिचित अंदाज में दिखाई देते हैं। नागौर में हाल ही उनमें और पूर्व विधायक रिछपाल मिर्धा में क्रिकेट की स्पर्धा हो गई। पहले विधायक रेवंतराम डांगा जी ने बल्ला संभाला। वाइड जाती बॉल को बल्ले से खेलने के स्थान पर उन्होंने टांग अड़ाने की कोशिश की। मैच देख रहे युवा हंस पड़े। दूसरी बॉल को उन्होंने दूर से खेला। बॉल चार फीट दूर खड़े खिलाड़ी ने गुपच ली। विधायक जी आउट। अब बॉलिंग की बारी आई। विधायक महोदय के हाथ में चमचमाती लेदर बॉल। सामने पूर्व विधायक रिछपाल मिर्धा बैट पकड़े खड़े थे। डांगा जी ने घूमती हुई बॉल फेंकी। पूर्व विधायक ने एक पैर आगे निकाला और सीधा शॉट मार दिया। बॉल को हाथों से कैच लेने के स्थान पर डांगा जी ने फिर वही तकनीक अपनाई- टांग अड़ा दी। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।