राजस्थान के निजी स्कूलों के लिए शिक्षा विभाग ने फिक्स्ड डिपॉजिट को लेकर बड़ा फैसला किया है। अब स्कूलों की नई मान्यता, क्रमोन्नति सहित अन्य संबंधित प्रक्रियाओं के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट जमा कराने की बाध्यता खत्म कर दी गई है। लेकिन दूसरी ओर प्रदेश में पहले से संचालित हजारों निजी स्कूलों की करोड़ों रुपए की राशि बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा है। इन स्कूलों के सामने अब सवाल है कि जब नए स्कूलों से यह राशि नहीं ली जाएगी, तो वर्षों से जमा उनकी राशि वापस कब और किस प्रक्रिया से मिलेगी। पहले 50 हजार से 3 लाख रुपए तक जमा कराने पड़ते थे राजस्थान सरकार के स्कूल शिक्षा (ग्रुप-5) विभाग के 22 जुलाई 2026 के आदेश में निजी स्कूलों की नवीन मान्यता, क्रमोन्नति, अतिरिक्त माध्यम, स्थान परिवर्तन, संकाय/विषय तथा अन्य बोर्ड से संबद्धता आदि के लिए लिए जाने वाले फिक्स्ड डिपॉजिट के प्रावधान को समाप्त किया गया है। आदेश में बताया गया है कि अलग-अलग स्तर की मान्यता के लिए पहले 50 हजार रुपए से लेकर 3 लाख रुपए तक की फिक्स्ड डिपॉजिट निर्धारित थी। यह राशि विद्यालय एवं संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी के नाम से जमा कराने का प्रावधान था। आदेश में तत्काल प्रभाव से खत्म सरकार ने स्पष्ट किया है कि निजी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और उपकरण संबंधी आवश्यकताओं को आसान बनाने के लिए निजी स्कूलों से फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में ली जाने वाली फिक्स्ड डिपोजिट को पूर्णतः तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाता है। पुराने स्कूलों के करोड़ों रुपए का क्या होगा? यही इस फैसले का सबसे अहम पहलू है। नए नियम से भविष्य में निजी स्कूलों को फिक्स्ड डिपॉजिट जमा कराने से राहत मिल गई है, लेकिन पहले से संचालित स्कूलों द्वारा वर्षों पहले जमा कराई गई राशि को लेकर आदेश में कोई स्पष्ट निर्देश नहीं है। यानी आदेश में यह नहीं बताया गया है कि पहले से जमा फिक्स्ड डिपॉजिट को स्कूल कब वापस ले सकेंगे, इसकी प्रक्रिया क्या होगी और संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों के नाम से जमा राशि को स्कूलों को वापस करने के लिए विभाग क्या कदम उठाएगा। प्रदेश में लंबे समय से संचालित हजारों निजी स्कूलों की ऐसी राशि बैंक खातों में फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा होने के कारण अब स्कूल संचालकों की नजर पुरानी जमा राशि की वापसी पर है। उनका तर्क है कि जब सरकार ने भविष्य के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट की आवश्यकता ही समाप्त कर दी है, तो पहले से जमा राशि के संबंध में भी स्पष्ट नीति जारी होनी चाहिए। अब स्कूल संचालकों की मांग- पुरानी FD पर भी फैसला हो शिक्षा विभाग के इस फैसले से भविष्य में मान्यता लेने या क्रमोन्नति कराने वाले निजी स्कूलों को बड़ी वित्तीय राहत मिलेगी। वहीं पुराने स्कूलों के लिए अगला सवाल उनकी पहले से जमा करोड़ों रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट का है। विभाग यदि इस राशि की वापसी को लेकर अलग से स्पष्ट आदेश जारी करता है तो लंबे समय से बैंक में जमा रकम स्कूलों के लिए उपलब्ध हो सकेगी।