राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। करीब साढ़े तीन साल बाद 29 सितंबर को हुए चुनाव के परिणाम पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद अब घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट को लेकर भी असमंजस की स्थिति बन गई है। वहीं RCA ने महज 24 घंटे के भीतर अंडर-23 टूर्नामेंट का शेड्यूल बदल दिया है। नए कार्यक्रम में खैरथल-तिजारा, डीडवाना-कुचामन और बालोतरा जिलों को भी शामिल किया गया है। इन तीनों जिलों को शामिल करने के फैसले पर RCA के पूर्व कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इन जिलों से जुड़ा मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में टूर्नामेंट में इनकी टीमों को शामिल करने का फैसला सवाल खड़े करता है। कुमावत ने इस निर्णय के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है। पहले 33 जिलों की टीमों को लेकर जारी किया था कार्यक्रम दरअसल, RCA चुनाव के परिणाम पर रोक लगने के बाद प्रशासक भास्कर ए. सावंत ने राजस्थान में अंडर-23 टूर्नामेंट के आयोजन को लेकर 33 जिलों की टीमों को अलग-अलग ग्रुप में शामिल कर मुकाबले कराने का फैसला किया था। इसके बाद RCA ने 24 घंटे में ही संशोधित शेड्यूल जारी कर दिया। नए कार्यक्रम में खैरथल-तिजारा, डीडवाना-कुचामन और बालोतरा जिलों को भी जगह दी गई है। इस बदलाव के बाद अब इन तीनों जिलों की टीमें भी टूर्नामेंट में हिस्सा ले सकेंगी। RCA की ओर से आयोजित होने वाले टूर्नामेंट में इन जिलों के खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर यह पहला मौका होगा। कुमावत ने कहा- इन जिलों का मामला कोर्ट में विचाराधीन तीनों जिलों को टूर्नामेंट में शामिल करने के फैसले पर RCA के पूर्व कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने सवाल उठाए हैं। कुमावत ने कहा- इन जिलों को लेकर फिलहाल कोर्ट में मामला विचाराधीन है। RCA के चुनाव में भी इन जिलों को वोट नहीं देने दिया गया था। ऐसे में अब अचानक इन जिलों की टीमों को टूर्नामेंट में शामिल करने का फैसला समझ से परे है। कुमावत ने कहा- जब इन जिलों की मान्यता और उनसे जुड़े मुद्दों पर कानूनी प्रक्रिया जारी है तो ऐसे में किस मजबूरी में आनन-फानन में इन्हें टूर्नामेंट में शामिल करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने फैसले को गलत बताते हुए कहा- इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।