विश्व हिंदू परिषद पूरे प्रदेश में गरबा में गैर हिंदुओं की एंट्री रोकने की तैयारी कर रहा है। 11 अक्टूबर से नवरात्रि शुरू हो रहे हैं। इससे पहले विश्व हिंदू परिषद ने गरबा आयोजकों को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। विहिप ने कहा है कि गरबा पांडालों में गैर हिंदुओं की एंट्री बंद होनी चाहिए। पंडाल में प्रवेश से पहले आईडी प्रूफ से पहचान करनी होगी। तिलक लगाने या हाथ पर कलावा बांधने की व्यवस्था भी की जाएगी। विहिप के प्रांत अध्यक्ष सुभद्र पापडीवाल ने कहा कि गरबा माता को समर्पित धार्मिक कार्यक्रम है, यह कोई इंटरटेनमेंट का कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की हिंदू देवी-देवताओं, त्योहारों और परंपराओं में आस्था नहीं है, उन्हें गरबा पांडालों से दूर रहना चाहिए। विहिप ने इस संबंध में डीजीपी राजस्थान को भी सूचना दी है। सवाल: 11 अक्टूबर से नवरात्रि शुरू हो रहे हैं। गरबा पांडालों में गैर हिंदुओं की एंट्री को लेकर विहिप का क्या कहना है? जवाब: विहिप प्रांत अध्यक्ष सुभद्र पापडीवाल ने बताया- हम प्रशासन और समाज सभी से निवेदन कर रहे हैं कि जिनकी हिंदू त्योहारों, हिंदू रीति-नीति, परंपराओं और देवी-देवताओं में आस्था नहीं है, वे नवरात्रि के दौरान गरबा पांडालों से दूर रहें। गरबा माता को समर्पित हमारा विशुद्ध धार्मिक समारोह है। यह कोई इंटरटेनमेंट का कार्यक्रम नहीं है। इसलिए ऐसे धार्मिक कार्यक्रम में जिन लोगों की आस्था नहीं है, उन्हें इससे दूर रहने के लिए कहा जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद ने इसकी सूचना डीजीपी राजस्थान को भी दी है। सभी गरबा पांडालों और दीपावली के त्योहार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे लोगों को दूर रखने के लिए पुलिस प्रशासन को भी सूचित करने के लिए कहा गया है। हमें हमारी आस्था हमारे ढंग से निभाने दें। हर व्यक्ति अपनी आस्था निभाने के लिए स्वतंत्र है, इसमें किसी की दखलंदाजी नहीं होनी चाहिए। सवाल: क्या गरबा पांडालों के बाहर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की तैनाती की जाएगी? ये सलाह देंगे या कुछ और करेंगे? जवाब: बजरंग दल हमारे युवाओं की टोली है और हमारे सभी कार्यकर्ता प्रशासन के सहयोग के लिए हैं। गरबा पांडालों से हमें सालों से सूचना आती है कि इस तरह के उपद्रवी और सामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की नीयत से गरबा पांडालों में प्रवेश करते हैं। हम पंडाल की गुडविल खराब नहीं होने देना चाहते और उसकी शांति भंग नहीं होने देना चाहते। सीधे कोई कार्रवाई करने से हम बचते हैं, क्योंकि पुलिस प्रशासन कहता है कि प्रवेश वर्जित करने का हमारे पास कोई कानूनी अधिकार नहीं है। लेकिन आयोजकों को प्रवेश तय करने का अधिकार होता है और उस अधिकार को लागू करने के लिए वे हमसे सहयोग मांगते हैं। ऐसी स्थिति में बजरंग दल की युवा वाहिनी और दुर्गा वाहिनी की टोलियां उनके सहयोग के लिए जगह-जगह हर पंडाल पर मौजूद रहेंगी। सवाल: जहां गरबा के प्राइवेट आयोजक हैं, उन्हें गैर हिंदुओं को एंट्री देने से कैसे रोकेंगे? जवाब: क्योंकि यह धार्मिक आयोजन है और धार्मिक आयोजन की शुचिता बनाए रखना जरूरी है। प्रवेश आईडी प्रूफ और आईडी कार्ड के साथ निश्चित किया जाएगा। पहचान की जाएगी। अगर आस्थावान लोगों का समूह होगा तो निश्चित रूप से उनका स्वागत है। दूसरे संप्रदाय के लोग भी आस्था के साथ अपने परिवार के साथ आना चाहते हैं और गरबा में शामिल होना चाहते हैं तो हम उनका स्वागत करते हैं। हम उनका कोई अपमान नहीं करना चाहते। लेकिन अगर कोई गलत नीयत के साथ आता है तो हम उन्हें साफ करना चाहते हैं कि आप यहां न आएं। सवाल: कई जगह गरबा की एंट्री पर तिलक लगाने की बात कही जा रही है। इसकी कितनी सच्चाई है? जवाब: अलग-अलग तरीके के कई प्रयोग लोग करते हैं। हमारा समाज व्यापक है और बहुत ज्यादा खुलापन है, कोई कट्टरता नहीं है। ऐसे में अगर किसी को एंट्री करनी है तो कोई हाथ पर कलावा बांधेगा तो कोई तिलक लगाएगा। लेकिन जिनकी नीयत में खोट है, वे ऐसी व्यवस्था से मना करेंगे। यह गरबा आयोजक के ऊपर है कि वह किस तरीके की व्यवस्था रखना चाहता है। सवाल: अगर कोई आयोजक मना करता है कि हमारे पंडाल के बाहर आप कार्यकर्ताओं को खड़ा न करें तो क्या करेंगे? जवाब: हम बिल्कुल बात मानेंगे। बजरंग दल कोई उग्रता नहीं करेगा। यह हमारे लिए भी लिखित निर्देश है और इसका हमारा बजरंग दल भी पालन करेगा। पहले भी जब कहीं पथराव होता है तो पथराव होना पहली घटना है। ऐसे में अगर उसका पलटकर जवाब दिया जाता है तो क्या आप उसे उग्रता कहेंगे? यह उस घटना का जवाब है, न कि उग्रता। सवाल: विहिप का प्राइवेट गरबा आयोजकों से क्या कहना है? जवाब: जिनकी आस्था नहीं है, वे गरबा पंडाल में क्यों जाना चाहते हैं? मैं उन सभी लोगों से पूछना चाहता हूं कि ऐसी क्या आवश्यकता है। जो भी प्राइवेट आयोजन है, उसे गरबा का नाम नहीं दिया जा सकता। वह एंटरटेनमेंट प्रोग्राम है, उसकी बात अलग है। गरबा उत्सव के नाम से लोग आसानी से मार्केटिंग कर लेते हैं। हम समझाएंगे कि किसी की भी धार्मिक आस्था का मजाक न बनाया जाए। इस धार्मिक कार्यक्रम को कमर्शियलाइज न करें। सवाल: इस संबंध में विहिप ने प्रशासन से क्या मांग की है? जवाब: विश्व हिंदू परिषद प्रांत के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि हिंदुओं के त्योहारों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन सुनिश्चित करे कि असामाजिक तत्व और इन त्योहारों में आस्था नहीं रखने वाले समूह किसी भी प्रकार की अप्रिय परिस्थिति न बनाएं और विशेष रूप से गरबा पांडालों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। विहिप के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) को ज्ञापन देकर नवरात्रि समेत हिंदू त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में प्रांत अध्यक्ष सुभद्र पापडीवाल, उपाध्यक्ष अनिल गोठवाल, प्रांत मंत्री राधेश्याम गौतम, बजरंग दल के प्रांत संयोजक परमवीर सिंह चौहान और सह संयोजक सुमित खंडेलवाल मौजूद रहे।