राजस्थान हाईकोर्ट ने रामदेवरा मेले में श्रद्धालुओं को पर्याप्त मेडिकल सुविधा, साफ-सफाई, सुरक्षा और दूसरी जरूरी सुविधाएं नहीं मिलने पर प्रशासन को कड़े निर्देश दिए हैं। जस्टिस मुन्नूरी लक्ष्मण और जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर फैसला सुनाते हुए प्रशासन को तुरंत व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। मेले में हर दिन करीब तीन लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन की तरफ से उनके लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं दी गई हैं। मेडिकल सेवाओं की कमी के साथ ही मेले में दुर्घटनाओं, लूटपाट और महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। सुरक्षा की भी पूरी व्यवस्था नहीं श्रद्धालुओं के लिए रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी सुविधाएं कमजोर हैं। अस्थायी टेंट के साथ पर्याप्त वॉशरूम भी नहीं दिए गए हैं। धर्मशालाओं और होटलों में आग बुझाने वाले उपकरणों की कमी है। आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर एंबुलेंस की भी पूरी व्यवस्था नहीं है। कुछ लोग और दुकानदार श्रद्धालुओं से दर्शन कराने के नाम पर पैसे वसूल रहे हैं, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। रामदेवरा में कई जगहों पर पार्किंग के नाम पर भी मनमानी राशि वसूलने का मामला कोर्ट में रखा गया। समिति बनाने के निर्देश मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति बनाने के निर्देश दिए। इस समिति में जैसलमेर जिला कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और निजी ट्रस्ट के अध्यक्ष को शामिल किया गया है। कोर्ट ने समिति को साफ-सफाई, मेडिकल और स्वास्थ्य सेवाओं, कानून-व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा। यह व्यवस्था एक महीने या श्रद्धालुओं की भीड़ कम होने तक लागू रहेगी। राज्य सरकार को समिति को जरूरी सहयोग देने के साथ ही समिति को तुरंत बैठक बुलाकर फैसला लेने और एक सप्ताह में कार्रवाई करने को कहा गया है। आदेश की कॉपी संभागीय आयुक्त जोधपुर को भी भेजने के निर्देश दिए गए हैं।