राजकीय महाविद्यालय पीपलखूंट में 24 दिवसीय रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का गुरुवार को समापन हुआ। शिविर का उद्देश्य छात्राओं की सुरक्षा, आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता बढ़ाना रहा। समापन समारोह की अध्यक्षता प्राचार्या डॉ. मनीषा चौड़िया ने की। पुलिस विभाग की मुख्य अतिथि और मास्टर ट्रेनर ललिता मौजूद रहीं। प्रशिक्षण में महाविद्यालय की 100 छात्राओं को 50-50 के दो बैच में बांटा गया। छात्राओं को आत्मरक्षा की आधुनिक तकनीकों का नियमित अभ्यास कराया गया। नोडल अधिकारी और सहायक आचार्य अंग्रेजी हेमराज यादव ने कार्यक्रम संचालन किया। उन्होंने प्रशिक्षण सत्रों की जानकारी दी। समापन समारोह में प्रशिक्षित छात्राओं ने आत्मरक्षा तकनीकों का लाइव प्रदर्शन किया। छात्राओं ने विषम परिस्थितियों में बचाव के तरीके दिखाए। अलग-अलग खतरों से निपटने की तकनीकें भी पेश कीं। मौजूद लोगों ने छात्राओं के साहस, आत्मविश्वास, सजगता की सराहना की। प्राचार्या डॉ. मनीषा ने छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा, आत्मरक्षा प्रशिक्षण को शिविर तक सीमित न रखें। इसे रोजमर्रा के जीवन में आत्मविश्वास, सतर्कता, साहस के साथ अपनाएं। उन्होंने प्रशिक्षक, नोडल अधिकारी और महाविद्यालय परिवार का आभार जताया। संकाय सदस्य कुलदीप शर्मा, आनंद जांगिड़, राजेंद्र मीणा, मीत जोशी, सौरेश साहू, राजू डिंडोर, कमलाशंकर, आशा बाई मौजूद रहे।