राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पेरीफेरी इलाकों में आबादी इलाकों में लेपर्ड की बढ़ती दखल के बाद वन विभाग अलर्ट हो गया है। केरलम के बाद संभवत: पहली बार राजस्थान में वाइल्ड लाइफ मॉनिटरिंग साइलेंट डिवाइस और हाई ट्रैक सेंसर लगाने की तैयारी कर रहा है। इसकी शुरुआत रणथंभौर टाइगर रिजर्व की जाएगी। इन डिवाइस के जरिए आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने वाले जंगली जानवरों की एक्टिविटी दिखने पर अलार्म बजाकर ग्रामीणों को अलर्ट करेगा। यह अलार्म इतना तेज होगा कि सैकड़ों मीटर दूर तक इसकी आवाज सुनाई देगी, जिससे ग्रामीणों को संभलने का मौका मिलेगा, साथ ही लेपर्ड भी आवाज सुनकर भाग जाएगा। दरअसल, टाइगर रिजर्व के आसपास क्षेत्रों में ग्रामीणों पर लेपर्ड के हमलों के बाद यह पहल की जा रही है, जिससे ग्रामीणों की जान को बचाया जा सके और लेपर्ड के मूवमेंट को भी आबादी क्षेत्रों में रोका जा सके। पढ़िए यह रिपोर्ट... केरल मॉडल की तर्ज पर राजस्थान में पहला प्रयोग रणथंभौर टाइगर रिजर्व (फर्स्ट) के डीएफओ मानस सिंह ने बताया- वन विभाग केरलम तर्ज पर इस तकनीक को अपना रहा है। केरलम में हाथियों की निगरानी करने और ग्रामीणों को समय रहते सतर्क करने के लिए इस डिवाइस का सफल प्रयोग किया गया था, जिससे वहां मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामलों में भारी कमी दर्ज की गई है। इसी से प्रेरणा लेते हुए रणथंभौर में इसका ट्रायल शुरू किया गया है। पुराने शहर और फलोदी रेंज के इलाकों में लगेंगे मानस सिंह के अनुसार, वन विभाग ने लेपर्ड के अधिक मूवमेंट वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता पर रखा है। इनमें सवाई माधोपुर के पुराने शहर के आसपास के इलाकों के साथ-साथ फलोदी रेंज के दूमोंदा, हिंदवाड़ और टोडरा को चिह्नित किया गया है। वहीं जंगल से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने वाली मुख्य पगडंडियों और कच्चे रास्तों को भी चिह्नित किया गया है। विभाग का उद्देश्य जंगली जानवरों के आबादी वाले इलाकों में प्रवेश करने से पहले ही ग्रामीणों तक अलर्ट पहुंचाना है, जिससे किसी भी अनहोनी को समय रहते रोका जा सके। ये खबर भी पढ़िए… मासूम के शव को पहाड़ी पर लेकर बैठा था लेपर्ड:खून और पगमार्क का पीछा करते हुए पहुंचे ग्रामीण; घर की दहलीज से उठा ले गया था रणथम्भौर टाइगर रिजर्व से आया लेपर्ड 3 साल के मासूम को परिजनों के सामने घर की दहलीज से उठा कर ले गया। घटना से चौंके मां और पिता ने 100 मीटर तक लेपर्ड का पीछा किया। इसके बाद जब लेपर्ड दिखाई देना बंद हुआ तो मां सदमे से बेहोश हो गई। पूरी खबर पढ़िए