रणथंभौर में पर्यटकों को वन्यजीवों और जंगल की बेहतर जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 16 सितंबर 2026 को वन्यजीव गाइड्स ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में नेचर गाइड्स को राजस्थान के वन, वन्यजीव, जैव विविधता और पर्यटकों से संवाद सहित विभिन्न विषयों की जानकारी दी गई। दो दिन तक चले सेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत बुधवार सुबह 9:30 बजे नेचर गाइड्स के रजिस्ट्रेशन और वन अधिकारियों की ओर से उद्घाटन के साथ हुई। जिसके बाद पूरे दिन सेशन आयोजित किए गए। इसी कड़ी में आज के सेशन में डॉ. धर्मेंद्र खंडाल ने राजस्थान के जंगलों के इतिहास एवं विरासत तथा भारत की जैव विविधता, वनस्पति और जीव-जंतुओं के बारे में जानकारी दी। इसके बाद रणथंभौर के फील्ड बायोलॉजिस्ट मोहम्मद मिराज ने राजस्थान के स्तनधारी वन्यजीवों और उनकी पहचान के बारे में प्रशिक्षण दिया। WWF-India के नवीन कुमार दास ने गाइड्स को कम्युनिकेशन स्किल्स, इंटरप्रिटेशन तथा पर्यटकों के साथ क्या करें और क्या न करें विषय पर जानकारी दी। बिग कैट के बारे में दी जानकारी प्रशिक्षण के अगले सत्र में सेवानिवृत्त DCF दौलत सिंह ने बाघों और बड़ी बिल्लियों से जुड़े रोचक तथ्यों की जानकारी दी। इसके बाद नवीन कुमार दास ने राजस्थान के पक्षियों और बर्डवॉचिंग स्किल्स के बारे में प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में मोहम्मद मिराज की ओर से फीडबैक और समापन समारोह आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य वन्यजीव गाइड्स के ज्ञान और व्यावहारिक कौशल को बढ़ाना तथा रणथंभौर आने वाले पर्यटकों को वन्यजीवों एवं प्राकृतिक विरासत की बेहतर और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना रहा।