निगम चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बागियों ने अपनी ही पार्टी के 20 उम्मीदवारों के जीत के समीकरण बिगाड़ दिए। सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस को हुआ। कांग्रेस के 13 उम्मीदवार ऐसे रहे, जिन्हें हराने में बागियों की बड़ी भूमिका रही। भाजपा को 7 जगह बागियों के कारण नुकसान उठाना पड़ा। इसका सीधा असर निगम के बोर्ड पर पड़ा। कांग्रेस बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई, जबकि भाजपा बहुमत के करीब पहुंच गई। कई वार्डों में बागी प्रत्याशी को मिले वोट जीतने वाले प्रत्याशी की जीत के अंतर से कई गुना ज्यादा रहे। टिकट नहीं मिलने के बाद चुनाव मैदान में उतरे बागियों ने दोनों प्रमुख दलों के अधिकृत उम्मीदवारों के सामने चुनौती खड़ी की। वार्ड-135 में 440 वोट रहा जीत का अंतर, बागी हुसैन को 822 वोट वार्ड-47: बागी को 1483 वोट, भाजपा की 206 वोट से जीत वार्ड-130: निर्दलीय दूसरे नंबर पर, कांग्रेस प्रत्याशी को 2199 वोट वार्ड-101: भाजपा की 76 वोट से जीत, निर्दलीय मनोज मुदगल को 3031 वोट वार्ड-104: भाजपा 405 वोट से जीती, कांग्रेस के बागी को 2140 वोट वार्ड-136: कांग्रेस 802 वोट से जीती, भाजपा की बागी को 1558 वोट की चोट