रेवदर उपखंड मुख्यालय पर धीमी गति से हो रहे सड़क निर्माण से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश में जलभराव के बाद सड़क के और भी बुरे हाल हो जाते है। शनिवार को क्षेत्र में हुई बारिश के बाद सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे लोगों का पैदल चलना तक मुहाल हो गया है और गाड़ियां रेंगने को मजबूर हैं। दुकानों से हटवाएं टीनशेड स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब दो महीने पहले सड़क किनारे की दुकानों के आगे से टीन शेड हटवाए गए थे। इसके बाद, करीब महीने भर पहले कस्बे के मुख्य मार्ग को पूरी तरह से खोद दिया गया। लेकिन उसके बाद से काम रेंग-रेंग कर चल रहा है। खुदाई के बाद उड़ती धूल से दुकानों में रखा सामान खराब होने लगा था। इस समस्या से परेशान होकर पहले में व्यापारियों ने प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा था। हाइवे पर वन-वे ट्रैफिक कस्बे के मुख्य मार्ग से ही 'कांडला हाइवे' गुजरता है, जहां से प्रतिदिन हजारों भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। सड़क की बदहाली और बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरने के कारण अब वाहनों को कुछ दूरी तक केवल वन-वे ट्रैफिक से गुजरना पड़ रहा है। इसके चलते कस्बे में भारी ट्रैफिक जाम लग रहा है। एक तरफ गड्ढे और दूसरी तरफ कीचड़, ऐसे में वाहन चालक घंटों जाम में फंस रहे हैं। आपको बता दें कि राज्य राजमार्ग आधुनिकीकरण प्रोग्राम के तहत सांचौर-रानीवाड़ा-मंडार-आबूरोड तक 107 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए 601.40 करोड़ की वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति जारी हो चुकी है, जिसमें सड़क निर्माण के लिए 565.73 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। सड़क चौड़ीकरण और निर्माण के दौरान आने वाली जमीनों के अधिग्रहण व मुआवजे के लिए 35.67 करोड़ की अलग से स्वीकृति दी गई है।