पश्चिम बंगाल में TMC के बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी गुट ने कहा है कि अगर ममता बनर्जी नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव लड़ती हैं तो वह अपना उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। ऋतब्रत ने कहा कि वे ममता को विधानसभा में वापस देखना चाहते हैं और नंदीग्राम से उनका चुनाव लड़ना बेहतर होगा। ऋतब्रत ने बताया कि उनके गुट ने उपचुनाव के लिए उम्मीदवार लगभग तय कर लिया है, लेकिन ममता के चुनाव लड़ने की स्थिति में नाम वापस ले लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ममता निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर भी मैदान में उतरती हैं, तब भी उनका गुट उनके खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेगा। नंदीग्राम TMC और भाजपा, दोनों के लिए अहम सीट नंदीग्राम लंबे समय से TMC और भाजपा के बीच राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख केंद्र रहा है। इस क्षेत्र में 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने ममता बनर्जी और TMC को 2011 में सत्ता तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। 2021 में ममता ने यहीं से बंगाल के मौजूदा सीएम शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। अधिकारी BJP में शामिल होने के बाद TMC के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी बन चुके हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत दर्ज की। भवानीपुर में उन्होंने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया। अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58,812 वोट मिले। बाद में अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद नंदीग्राम सीट खाली हुई और अब यहां होने वाला उपचुनाव भाजपा के लिए अपनी पकड़ बनाए रखने, जबकि TMC के लिए अपनी पुरानी राजनीतिक जमीन वापस हासिल करने की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव के लिए लेफ्ट ने उतारे उम्मीदवार नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के लिए लेफ्ट फ्रंट ने शनिवार को अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया। CPI ने नंदीग्राम से शांतिगोपाल गिरी और CPI(M) ने रेजीनगर से सईद असद अली को टिकट दिया है। भाजपा और TMC ने अभी अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं। शांतिगोपाल गिरी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में भी नंदीग्राम से लेफ्ट के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। उन्हें सिर्फ 2,997 वोट मिले थे, जबकि अधिकारी को 1,27,301 वोट मिले थे। TMC और भाजपा के उम्मीदवार घोषित नहीं करने की 3 संभावित वजहें- TMC में तीन गुटों का असर इसलिए फंसा पेंच भाजपा ममता के नाम का इंतजार कर रही TMC में संगठन और पार्टी के नाम पर संकट उपचुनाव ऐसे समय हो रहा है, जब विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद TMC संगठनात्मक संकट से जूझ रही है। पार्टी के नाम और दो फूल-घास वाले चुनाव चिन्ह को लेकर ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के गुट आमने-सामने हैं। दोनों गुटों ने पार्टी के नाम, चुनाव चिन्ह और फंड पर दावा किया है। चुनाव आयोग ने शनिवार को दोनों पक्षों से बातचीत की, लेकिन अभी फैसला नहीं हुआ है। ऋतब्रत गुट ने कहा है कि वह TMC के नाम और चिन्ह पर दावा जारी रखेगा। आयोग के फैसले के बिना नामांकन की समयसीमा खत्म होने पर वह निर्दलीय उम्मीदवारों के तौर पर भी चुनाव लड़ सकता है। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… TMC सिंबल विवाद-EC ने बागी गुट से और दस्तावेज मांगे: दो सीटों पर उपचुनाव
पश्चिम बंगाल में TMC के चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद जारी है। शनिवार को ऋतब्रत बनर्जी गुट ने चुनाव आयोग के सामने मौखिक दलीलें दीं और सवालों के जवाब दिए। आयोग ने गुट से दिन खत्म होने से पहले अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने को कहा। पूरी खबर पढ़ें…