सलूंबर में किशोरी सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत जिले के सरकारी स्कूलों में किशोरी मेले का आयोजन हुआ। मेले का उद्देश्य किशोरियों को स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा एवं बाल अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनने के लिए प्रेरित करना रहा। छात्रों ने किशोरी स्वास्थ्य,स्वच्छता, शिक्षा और बाल अधिकार जैसे विषयों पर तैयार किए गए पोस्टर,पहेलियां एवं अन्य रचनात्मक प्रस्तुतियां प्रदर्शित कीं। छात्रों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और अभिभावकों का ध्यान आकर्षित किया। ‘स्वस्थ और शिक्षित किशोरी ही सशक्त देश की आधारशिला’ कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्था प्रधान भावना गुप्ता ने कहा कि स्वस्थ और शिक्षित किशोरी ही सशक्त देश की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि यदि देश के किशोर-किशोरियां स्वास्थ्य की दृष्टि से जागरूक और शिक्षा के क्षेत्र में आगे हैं, तो देश की प्रगति को कोई नहीं रोक सकता। कार्यक्रम में किशोरी सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। छात्रों को मीना-राजू मंच,गार्गी मंच,अध्यापिका मंच,किशोरी मेला,राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस समारोह, माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता प्रबंधन सहित बालिकाओं के लिए संचालित विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में बताया गया। ‘बेटा-बेटी एक समान’ का दिलाया संकल्प कार्यक्रम के समापन पर संस्था प्रधान एवं शिक्षकवृंद ने छात्रों, अभिभावकों और उपस्थित लोगों को ‘बेटा-बेटी एक समान’ का भाव समाज में मजबूत करने का संकल्प दिलाया। साथ ही छात्राओं को उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के समान अवसर उपलब्ध कराने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।