सलूंबर में विकसित भारत-जन सेवा अभियान के तहत गुरुवार को जिला अस्पताल में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगा। जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनैद के निर्देश पर हुए इस शिविर में 32 लोगों ने रक्तदान किया। इनमें 29 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल थीं। इस दौरान रक्तदाताओं ने रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की शपथ भी ली। इस मौके पर लोगों को रक्तदान को मानव सेवा का एक अहम जरिया बताया गया। आम जनता को नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया गया। इस साल राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस की थीम 'वन ड्रॉप ऑफ ह्यूमैनिटी – गिव ब्लड, सेव लाइव्स' रखी गई है। अभियान के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जिले में कई कार्यक्रम होंगे। इनका मकसद रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना, रक्तदाताओं का रजिस्ट्रेशन करना और रक्त समूह की जानकारी देना है। आम लोगों को अपना रक्त समूह जानने की सुविधा देने के साथ ही, आपात स्थिति में खून की उपलब्धता पक्की करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए स्वैच्छिक रक्तदाताओं का आधार मजबूत किया जाएगा। अभियान के तहत 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर एक बड़ा रक्तदान शिविर भी लगाने की योजना है। जिले के पीएचसी, सीएचसी, उप जिला और जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और दूसरे ब्लड सेंटरों के जरिए ज्यादा से ज्यादा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाने और रक्तदाता रजिस्ट्रेशन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान में युवाओं की सक्रिय भागीदारी के लिए एनसीसी, उच्च शिक्षा संस्थानों, 'मेरा युवा भारत' (MY Bharat), स्वयंसेवी युवा संगठनों और अन्य युवा संस्थाओं को जोड़ा जा रहा है। इन्हें जागरूकता कार्यक्रमों, रक्तदान शिविरों और शपथ अभियानों से जोड़ा जाएगा। जिले में इस अभियान के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार परमार को नोडल अधिकारी बनाया गया है। सहायक औषधि नियंत्रण अधिकारी को जिला नोडल अधिकारी नामित किया गया है। रक्तदान संबंधी शपथ कार्यक्रम फिजिकल और डिजिटल दोनों तरीकों से होंगे। शपथ पत्र की जानकारी 'राज रक्त कोष' पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।