अलवर के सरिस्का में तीन महीने बाद गुरुवार सुबह से टाइगर सफाई शुरू हो गई। सुबह-सुबह सरिस्का पहुंचे टूरिस्ट को कलाकंद खिला मुंह मीठा कराया। उसके बाद फूल माला पहनाकर जिप्सी में सफारी पर रवाना किया। सरिस्का के अधिकारियों सहित वन्यजीव प्रेमियों ने टूरिस्ट का स्वागत किया। अब रोजाना सुबह-शाम टूरिस्ट सरिस्का के जंगल की सफारी कर सकेंगे। इस समय सरिस्का के जंगल में कुल 56 टाइगर हैं। जिसमें 11 टाइगर, 18 टाइग्रेस, 27 शावक हैं। इस दौरान DFO अभिमन्यु साहरण ने टूरिस्ट को कई तरह के नियमों की जानकारी भी दी। 1 जुलाई से सफारी बंद थी बारिश के कारण मानसून सीजन में टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट सरिस्का में 1 जुलाई से सफारी बंद हो जाती है। बारिश के तीन महीनों में सरिस्का में टूरिस्ट का आना और टाइगर का दिखना भी न के बराबर रहता है। लेकिन अब एक अक्टूबर से वापस सरिस्का के जंगल में टाइगर की साइटिंग होगी। सरिस्का में कुल 35 केंटरा व जिप्सी हैं। जिनके जरिए टूरिस्ट को सफारी कराई जाती है। जिप्सी का 8 हजार रुपए किराया है। जिसमें एक साथ 6 सदस्य सफारी कर सकते हैं। वहीं केंटरा में 20 टूरिस्ट जा सकते हैं। 35 में से 28 व्हीकल की ऑनलाइन बुकिंग होती है।