अलवर में सरिस्का टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट के बफर जोन (ढूंढ क्षेत्र) में रविवार शाम की सफारी पर निकले ग्वालियर (मध्य प्रदेश) के पर्यटकों के लिए यह दिन यादगार भी रहा और रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव भी बन गया। घने जंगल में सांभर की कॉल (अलार्म कॉल) सुनकर गाइड और पर्यटकों ने लोकेशन ट्रैक की, तो झाड़ियों के बीच 40 मीटर के दायरे में बाघिन एसटी-19 के दो नर (मेल) शावक नजर आए। उस समय एक बार टूरिस्ट की सांसें थम सी गई जब टाइगर पर्यटकों की जिप्सी से महज कुछ ही फीट की दूरी से होकर गुजरा। टाइगर को इतने करीब से देखने के बाद उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सांभर की अलार्म कॉल ने दिखाया रास्ता, ऐसे हुई डबल साइटिंग दोपहर की सफारी के दौरान जंगल में धुंधली रोशनी और घनी झाड़ियों के बीच सांभर की लगातार आ रही कॉल्स ने बाघ की मौजूदगी का इशारा दिया। गाइड की सटीक ट्रैकिंग से पहला बाघ झाड़ियों के पास दिखा। पर्यटक कैमरे सेट कर ही रहे थे कि उससे करीब 40 मीटर दूर दूसरा नर बाघ भी नजर आ गया। वन विभाग के अनुसार, नजर आए दोनों टाइगर एसटी-19 के शावक हैं, जिनकी उम्र करीब डेढ़ साल से अधिक है। 'गुर्राहट' का जवाब गुर्राहट से: जब 1 फीट दूर आ गया बाघ साइटिंग के दौरान जिप्सी के रुकते ही एक बाघ अचानक झाड़ियों से निकलकर गाड़ी के एकदम सामने आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टाइगर जिप्सी से महज 1 फीट की दूरी से गुजरा। बिना कोई आक्रामकता दिखाए वह गाड़ी को पार कर 3 से 4 फीट दूर झाड़ियों में जाकर विश्राम करने लगा। आवाजों का रोमांच: सफारी के दौरान टाइगर ने हल्की गुर्राहट जैसी आवाज निकाली। उबासी लेता भी दिखा। वन्यजीव विशेषज्ञ पर्यटकों का हमेशा टाइगर से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।