सवाई माधोपुर के खण्डार क्षेत्र में झरेल के बालाजी के पास चंबल नदी में बुधवार शाम डूबे भाई-बहन के शव बरामद कर लिए गए। गुरुवार सुबह करीब 6 बजे सिविल डिफेंस की टीम ने भाई गणपत का शव नदी से बाहर निकाला। इसके बाद बहन अंतिमा की तलाश जारी रखी गई। दोपहर करीब 12 बजे टीम ने अंतिमा का शव भी बरामद कर लिया। बालाजी के दर्शन करने आए थे भाई-बहन जानकारी के अनुसार, खण्डार क्षेत्र के बहरावंडा खुर्द निवासी गणपत (22) और उसकी बहन अंतिमा (19) बुधवार को झरेल के बालाजी के दर्शन करने आए थे। दोनों चंबल नदी में नहाते समय डूब गए। आसपास मौजूद लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची और नदी में दोनों की तलाश शुरू की। अंधेरा होने पर रात में रोकना पड़ा सर्च ऑपरेशन सिविल डिफेंस की टीम ने बुधवार शाम देर तक नदी में दोनों भाई-बहन की तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चल सका। अंधेरा होने के कारण रात में सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा। सुबह भाई का शव मिला, दोपहर में बहन भी बरामद गुरुवार सुबह सिविल डिफेंस की टीम ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब 6 बजे टीम को गणपत का शव नदी में मिला। शव को पानी से बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद टीम ने अंतिमा की तलाश जारी रखी। करीब 12 बजे अंकिता का शव भी नदी से बरामद कर लिया गया। हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। दोनों के शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजन भी मौके पर मौजूद रहे। --- संबंधित ये खबर भी पढ़ें … चंबल नदी में भाई-बहन के डूबने की आशंका: मंदिर में दर्शन के बाद नहाने गए थे; कपड़े-बैग और चप्पलें मिलीं सवाईमाधोपुर-कोटा की बॉर्डर पर चंबल नदी में बुधवार को भाई-बहन के डूबने की आशंका से हड़कंप मच गया। पूरी खबर पढ़िए