सवाई माधोपुर में महिलाओं को बातों में उलझाकर और सम्मोहित करने का झांसा देकर जेवर ठगने वाली अंतरराज्यीय गैंग का मानटाउन थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने गैंग के दो सदस्यों बन्टी राय और गुलशन उर्फ गोलू राय को आगरा से गिरफ्तार किया है, जबकि ठगी के जेवर खरीदने वाले ज्वैलर पंकज वर्मा को फिरोजाबाद से पकड़ा है। गैंग के 5-6 सदस्य उम्रदराज और अनपढ़ महिलाओं को निशाना बनाते थे। पहले बातचीत कर भरोसा जीतते और पैसों का लालच देते थे, फिर चालाकी से उनके कानों के झूमर, मंगलसूत्र समेत अन्य जेवर उतरवाकर फरार हो जाते थे। सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन के बाहर 19 अगस्त को हुई वारदात की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों और वाहनों की पहचान कर दिल्ली, आगरा और फिरोजाबाद में निगरानी की और कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट … 19 अगस्त को रेलवे स्टेशन के बाहर महिला को बनाया निशाना मानटाउन थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता ने बताया - 19 अगस्त 2026 को डिडायच निवासी मीना पत्नी देवकरण बैरवा सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन के बाहर बाजार की ओर आई थीं। इसी दौरान दो युवकों ने उन्हें बातचीत में उलझाया और पैसों का लालच दिया। इसके बाद धोखे से उनके कानों के झूमर और मंगलसूत्र उतरवा लिए और दोनों आरोपी जेवर लेकर फरार हो गए। मीना की रिपोर्ट पर मानटाउन थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच में कोटा कनेक्शन सामने आया, विशेष टीम बनाई जांच के दौरान सामने आया कि संदिग्ध आरोपी कोटा की तरफ से आए थे। वहां भी उनके इसी तरह की वारदातों में शामिल होने की जानकारी मिली। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार राजौरा के निर्देशन में वृत्ताधिकारी राजेंद्र मीणा और थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने नई दिल्ली, आगरा और फिरोजाबाद में स्थानीय पुलिस के सहयोग से लगातार निगरानी रखी। ठिकाने और वाहन की पहचान के बाद तीन आरोपी पकड़े जांच में ठगों के ठिकानों और उनके इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने आगरा के कैलाश मोड़ से बन्टी राय और गुलशन उर्फ गोलू राय को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, ठगी के जेवर खरीदने वाले ज्वैलर पंकज वर्मा को फिरोजाबाद से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार गैंग ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई जिलों में इस तरह की वारदातें की हैं। 5-6 सदस्य मिलकर करते थे वारदात, उम्रदराज और अनपढ़ महिलाओं को चुनते पुलिस के अनुसार गैंग में करीब 5-6 सदस्य हैं और इनमें ज्यादातर आपस में रिश्तेदार हैं। गैंग का मुखिया वारदात करने वाले सदस्यों को पहले ही करीब 20-20 हजार रुपए एडवांस देता था। इसके बाद सदस्य अलग-अलग जगहों पर जाकर महिलाओं को निशाना बनाते थे। वारदात के दौरान गैंग के सदस्य थोड़ी-थोड़ी दूरी पर रहते थे और एक-दूसरे पर नजर रखते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों को महिलाओं से बातचीत करने, उनका भरोसा जीतने और चालाकी से जेवर उतरवाने की विशेष ट्रेनिंग दी जाती थी। पुलिस के अनुसार गैंग के सदस्य उम्रदराज और अनपढ़ महिलाओं को उनकी बोलचाल और वेशभूषा से पहचानते थे। उनसे बातचीत कर पैसों का लालच दिया जाता और भरोसा कायम होने के बाद किसी बहाने से जेवर उतरवा लिए जाते थे। पुलिस के अनुसार कुछ मामलों में महिलाओं को सम्मोहित करने या उनकी सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित करने के लिए पैर छूने अथवा नशीले पाउडर या स्प्रे के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। राजस्थान के कई जिलों के साथ UP-हरियाणा में भी वारदातों के सुराग पुलिस जांच में गैंग की वारदातें राजस्थान के जयपुर, अजमेर, सीकर, चित्तौड़गढ़, भरतपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा, कोटा, बूंदी और करौली समेत अन्य क्षेत्रों में सामने आई हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मथुरा, फरीदाबाद, पलवल, वाराणसी, रामपुर, रेवाड़ी और आजमगढ़ समेत कई जगहों पर भी इसी तरह की वारदातों के सुराग मिले हैं। पुलिस अब गैंग के सरगना गणेश पुत्र बाबूलाल राय, शंकर राय, मदन राय और सूरज राय निवासी उत्तम नगर दिल्ली समेत अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं।