सवाई माधोपुर में कांग्रेस ने गुरुवार को मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के आरोप को लेकर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जिला कांग्रेस कमेटी और इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों ने संयुक्त रूप से "वोट बचाओ, देश बचाओ" अभियान के तहत शहर में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला यहां गंगापुर सिटी विधायक रामकेश मीणा, खंडार पूर्व विधायक अशोक बैरवा और कांग्रेस प्रदेश सचिव लईक अहमद के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मानटाउन क्लब से जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर विरोध जताया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर देशभर में करोड़ों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक यह आंदोलन जिले से लेकर ब्लॉक और मंडल स्तर तक जारी रहेगा। कांग्रेस बोली- करोड़ों मतदाताओं के नाम काटे जा रहे प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा- चुनाव आयोग की ओर से चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। नेताओं ने दावा किया कि इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का मामला सामने आया है। कांग्रेस का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया से लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ा है और कई राज्यों में इसका सीधा राजनीतिक फायदा भाजपा को पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। नेताओं ने कहा कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटाया जाता है तो यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि लोकतंत्र का नुकसान है। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल कांग्रेस नेताओं ने कहा- बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों में भी मतदाता सूची को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष संस्था की तरह काम करने के बजाय सरकार के दबाव में फैसले ले रहा है। नेताओं ने कहा कि इससे आम लोगों का चुनाव आयोग पर भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना था कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत निष्पक्ष चुनाव है और यदि मतदाता सूची पर ही सवाल उठने लगें तो लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होती है। राहुल और प्रियंका को हिरासत में लेने का विरोध जताया प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लेने की घटना का भी विरोध किया। नेताओं ने कहा कि दोनों नेता शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज करा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन हिरासत में ले लिया। कांग्रेस ने इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है। नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है।