भरतपुर। सरकारी अस्पतालों में दवा लेने के लिए लंबी कतारों से राहत दिलाने और फार्मासिस्टों पर बढ़ते कार्यभार को कम करने के लिए राजस्थान फार्मासिस्ट कर्मचारी संघ (एकीकृत) ने 10 हजार नए पद सृजित करने की मांग उठाई है। संघ ने प्रदेशाध्यक्ष जल सिंह कुंतल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप फार्मासिस्टों की नियुक्ति की मांग की। संघ ने ज्ञापन में कहा कि मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान (दवा) योजना के तहत दवा वितरण केंद्रों पर काम का दबाव बढ़ रहा है। संघ के अनुसार, निर्धारित मानकों के मुताबिक जहां 100 से 120 मरीजों पर एक फार्मासिस्ट होना चाहिए, वहीं कई चिकित्सा संस्थानों में एक फार्मासिस्ट पर 400 से अधिक मरीजों को दवा वितरण करने का भार है। इससे दवा वितरण, मरीजों को दवा संबंधी परामर्श और सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। संघ ने नए दवा वितरण केंद्रों के साथ फार्मासिस्टों के नए पद स्वीकृत करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में प्रदेशाध्यक्ष जल सिंह कुंतल, राजमेस प्रकोष्ठ मंत्री राजेश अग्रवाल, सौरभ शर्मा, जितेंद्र सिंह कुंतल, मयंक कुमार, निशांत दीक्षित और ललित कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।