सिरोही की शिवगंज तहसील के खंदरा गांव में प्राचीन मंदिरों के पास कथित रूप से हो रहे खनन को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया है। ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी सर्वेश्वर निंबार्क को ज्ञापन सौंपकर खनन कार्य तत्काल रोकने, सरकारी स्तर पर दूरी की माप कराने और खनन पट्टे व पर्यावरणीय अनुमतियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। ग्रामीणों का दावा है कि भोलेनाथ मंदिर से महज 10 मीटर की दूरी पर खनन किया जा रहा है, जबकि सरकारी स्कूल भी खनन क्षेत्र से करीब 100 मीटर के दायरे में है। 8-9 महीने से मंदिरों के पास खनन का आरोप ग्रामीणों ने बताया कि खंदरा गांव के प्राचीन भोलेनाथ, हनुमान और सांवरिया मंदिर लंबे समय से ग्रामीणों की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। ग्रामीणों के विरोध के बावजूद पिछले 8-9 महीनों से इन मंदिरों के आसपास खनन गतिविधियां चलने का आरोप लगाया गया है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों के इतने नजदीक खनन से क्षेत्र की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता पैदा हुई है। धूल, शोर और कंपन से सुरक्षा पर चिंता ग्रामीणों के अनुसार खनन क्षेत्र आबादी के बेहद नजदीक है। खनन के दौरान उड़ने वाली धूल, मशीनों से होने वाला शोर और कंपन लोगों के स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। साथ ही खनन क्षेत्र के पास आवाजाही के चलते दुर्घटना की आशंका भी जताई गई है। दूरी की सरकारी माप कराने की मांग ग्रामीणों ने ज्ञापन में भोलेनाथ मंदिर से खनन स्थल की दूरी सिर्फ 10 मीटर होने का दावा किया है। वहीं सरकारी स्कूल भी खनन क्षेत्र से करीब 100 मीटर के दायरे में बताया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके पर सरकारी स्तर पर इन दूरियों की माप कराने की मांग की, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। पट्टे और पर्यावरण मंजूरी की जांच की मांग ग्रामीणों ने खनन कार्य से जुड़े खनन पट्टे, पर्यावरणीय मंजूरी और अन्य आवश्यक अनुमतियों की भी जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कि यदि निर्धारित नियमों या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। जांच तक खनन रोकने की मांग ग्रामीणों ने एसडीएम से संयुक्त टीम गठित कर मौके पर जांच कराने का आग्रह किया। साथ ही जांच पूरी होने तक खनन कार्य पर रोक लगाने और जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आने पर कार्रवाई की मांग की है।