बरलूट थाना क्षेत्र में पटवारी छगनलाल की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। छगनलाल का शव 10 सितंबर की रात कैलाश नगर रोड पर जावाल की तरफ मिला था। सिरोही एसपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि मृतक के भाई रामाराम मेघवाल निवासी बरलूट थाने में मामला दर्ज कराया था। रिपोर्ट में बताया कि उसका भाई छगनलाल ओड़ा गांव में पटवारी था और उसके पास कैलाश नगर का अतिरिक्त प्रभार भी था। 10 सितंबर की रात करीब 8:30 बजे उन्हें सूचना मिली कि छगनलाल का एक्सीडेंट हो गया है। परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। छगनलाल के दोनों पैर टूटे हुए थे, जिससे परिजनों को उसकी मौत संदिग्ध लगी और उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटनास्थल का निरीक्षण करने पर पता चला कि छगनलाल की मौत दुर्घटना से नहीं, बल्कि मारपीट से हुई थी। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि छगनलाल पटवारी के पास ओड़ा और कैलाश नगर दोनों का प्रभार था। पटवारी ने 7 सितंबर को कैलाश नगर की एक युवती छेड़छाड़ की थी। इसका वीडियो भी शेयर हुआ था। आरोपियों ने इसी का बदला लेने और छगनलाल को सबक सिखाने के लिए उसकी हत्या की थी। पूरी जांच होने पर पता चला कि धमकी देने वाली युवती के भाई समीर सागर रावल निवासी कैलाश नगर ने पटवारी छगनलाल से बदला लेने और सबक सिखाने के लिए मौसेरे भाई मनीष कुमार उर्फ माही निवासी पीपल और उसके दोस्त प्रवीण मेघवाल निवासी कैलाश नगर हाल रामपुर के साथ मिलकर योजना बनाई। योजना के तहत पटवारी के ड्यूटी से वापस लौटते समय जावाल और माडानी के बीच में छगनलाल को मोटरसाइकिल से नीचे गिरकर उसके साथ मारपीट कर गंभीर चोटें पहुंचाई, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से 4 दिन के लिए पुलिस अभिरक्षा में भेजा गया है। इस मामले में डीएसपी मनीष चरण सिरोही, सदर थाना अधिकारी घनश्याम सिंह, बरलूट थाना अधिकारी कैलाश दान, सहायक उप निरीक्षक जसवंत सिंह के साथ हेड कॉन्स्टेबल दौलत सिंह टीकमदान, प्रवीण सिंह,प्रवीण कुमार, लक्ष्मण सिंह, नरेंद्र कुमार शामिल थे। इसमें सहायक उप निरीक्षक गिरधर सिंह की विशेष भूमिका रही।