जयपुर के SMS हॉस्पिटल में रूमेटोलॉजी ओपीडी में बड़ा मिस-मैनेजमेंट है। यहां गठिया रोग के मरीजों को इलाज के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां रोजाना 150 से ज्यादा मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन इलाज 50 मरीजों को भी नहीं मिल पा रहा है। सप्ताह में तीन दिन ओपीडी चलने के कारण मरीज को इलाज के लिए इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में मरीजों की संख्या और उपलब्ध इलाज की व्यवस्था के बीच बड़ा अंतर होने से अस्पताल में मिस-मैनेजमेंट की स्थिति सामने आ रही है। ऐसा नहीं है कि मरीजों की भीड़ केवल रूमेटोलॉजी डिपार्टमेंट में ही आती है। न्यूरोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी में भी हर रोज 300 से 400 मरीज आते है, लेकिन वहां न केवल मैनेजमेंट रहता है, ​बल्कि ओपीडी खत्म होने तक हर मरीज को ट्रीटमेंट भी मिलता है। जनरल मेडिसिन में भी हर रोज औसतन 700 से 800 मरीजों की पर्चियां बन रही है। ऑप्थल्मोलॉजी (नेत्र रोग), स्कीन में हर रोज करीब 300 से 500 मरीज आते है। लेकिन यहां भी डॉक्टर दोपहर 2 बजे तक उपलब्ध रहते है और आखिरी समय तक मरीज को देखते हैं। लेकिन रूमेटोलॉजी के डॉक्टर सुबह केवल 12 बजे तक 35 से 40 मरीजों को देखने के बाद सीट छोड़कर चले जाते है। सुबह 5 बजे से लगती है मरीजों की लंबी कतार रूमेटोलॉजी में दिखाने के लिए मरीजों की जद्दोजहद सुबह 5 बजे ओपीडी रजिस्ट्रेशन के बाहर लाइन में लगने के साथ शुरू हो जाती है। सुबह 6 बजे तक तो यहां 200 मरीजों की लाइन लग जाती है और धक्का-मुक्की और मारपीट की नौबत आ जाती है। जबकि ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर सुबह 7.30 बजे पर्चियां बनाने के लिए खुलता है। तीन दिन ओपीडी का संचालन SMS हॉस्पिटल में वर्तमान में रूमेटोलॉजी में तीन डॉक्टर है। ओपीडी भी सोमवार, मंगलवार और शुक्रवार तीन दिन ही संचालित होती है। मरीजों की भीड़ और परेशानी को देखते हुए क्या हॉस्पिटल प्रशासन अगर यहां सप्ताह में सातों दिन ओपीडी का संचालन करें तो यहां मरीजों को राहत मिलेगी। सात दिन करने की तैयारी SMS हॉस्पिटल के अतिरिक्त अधीक्षक और मीडिया स्पॉकपर्सन डॉ. प्रदीप शर्मा ने बताया- एसएमएस में 30 से ज्यादा डिपार्टमेंट की ओपीडी संचालित है और यहां हर रोज 9 हजार से ज्यादा लोग ओपीडी में आ रहे है। उन्होंने बताया कि रूमेटोलॉजी ओपीडी में जगह कम होने और भीड़ ज्यादा रहने से मरीजों को परेशानी होती है। यहां मरीजों को देखने में ज्यादा समय लगता है। इसे देखते हुए प्रशासन अब इस डिपार्टमेंट की ओपीडी को सप्ताह में 7 दिन करने की तैयारी कर रहा है, ताकि मरीजों की परेशान न होना पड़े।