जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज में पहली बार बर्न इंजरी को लेकर विशेषज्ञों का मंथन हुआ। NABI की ओर से आयोजित सेमिनार में देशभर से जुड़े विशेषज्ञों ने जलने की घटनाओं में प्राथमिक उपचार और इलाज के तरीकों पर चर्चा की। डॉक्टरों ने बताया कि जलने पर सबसे पहले प्रभावित हिस्से पर पानी डालना चाहिए। राजस्थान में 7 अत्याधुनिक बर्न केयर सेंटर बनाए जाएंगे। सेमिनार के दौरान एसएमएस मेडिकल कॉलेज में घोषणा हुई। दरअसल, शनिवार को नेशनल एकेडमी ऑफ बर्न्स-इंडिया (NABI) का वेस्ट जोन बर्न सीएमई-2026 का आयोजन किया। एसएमएस मेडिकल कॉलेज में शुरू हुए दो दिवसीय आयोजन में अलग-अलग राज्यों से प्लास्टिक सर्जन, जनरल सर्जन, बर्न विशेषज्ञ और नर्सिंग स्टाफ ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के उपचार की आधुनिक तकनीकों, जटिल सर्जरी, संक्रमण नियंत्रण, पुनर्वास और दुर्घटनाओं में बड़े पैमाने पर झुलसे मरीजों के प्रबंधन पर मंथन किया। सीएमई के आयोजन अध्यक्ष और SMS मेडिकल कॉलेज की प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आर.के. जैन ने बताया- एसएमएस हॉस्पिटल राजस्थान का प्रमुख बर्न रेफरल सेंटर है। प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ अन्य राज्यों से भी गंभीर रूप से झुलसे मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों के बढ़ते भार, जटिल बर्न पुनर्निर्माण सर्जरी और लंबे पुनर्वास को देखते हुए एसएमएस में समर्पित बर्न और प्लास्टिक सर्जरी संस्थान की आवश्यकता है। बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी संस्थान की मांग का समर्थन SMS कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने समर्पित बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी संस्थान की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि यह मांग पूरी तरह जायज है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य SMS इंस्टीट्यूट को पूरे देश में नंबर-1 संस्थान बनाने की दिशा में काम करना है। जलने पर डाले तुरंत पानी कार्यक्रम में प्लास्टिक सर्जरी और बर्न विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. मालती गुप्ता ने कहा कि आधुनिक बर्न केयर की जानकारी केवल हॉस्पिटलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका संदेश हर घर तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि ''ज से जल है, ज से जलना…'' जल जाओ तो पानी डालो जैसे सरल संदेश को बच्चों और आमजन तक पहुंचाया जाए, ताकि जलने की स्थिति में प्राथमिक स्तर पर सही कदम उठाया जा सके। प्रदेश में बनेंगे 7 अत्याधुनिक बर्न केयर सेंटर डॉ. जैन ने बताया कि सरकार ने प्रदेश में 7 अत्याधुनिक रीजनल बर्न केयर सेंटर स्थापित करने की बजट घोषणा की है, जो एक महत्वपूर्ण पहल बताया। SMS को प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित कर इन क्षेत्रीय केंद्रों को विशेषज्ञ परामर्श, प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग दिया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान सचिव डॉ. संगीता ठुकरानी, एसएमएस हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी और एनएबीआई सचिव डॉ. स्मिता सेगु सहित कई एक्सपर्ट मौजूद रहे।