करौली | राजकीय महाविद्यालय में नई किरण नशा मुक्ति केंद्र और सामान्य चिकित्सालय के मानसिक स्वास्थ्य विभाग ने एक दिवसीय विशेष व्याख्यान आयोजित किया। कार्यक्रम का फोकस युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति रोकने और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर रहा। मुख्य वक्ता वरिष्ठ मनोचिकित्सक प्रेमराज मीणा ने नशे के शारीरिक और मानसिक नुकसान पर बात रखी। उन्होंने कहा कि नशा शरीर के अंगों को प्रभावित करता है और सोचने-समझने की क्षमता कम करता है। इससे सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ता है। उन्होंने बताया कि कौतूहल या साथियों के दबाव में शुरू किया गया नशा आगे चलकर गंभीर मानसिक और शारीरिक बीमारी का रूप ले सकता है। मीणा ने कहा कि लत लगने पर उसे छिपाने के बजाय समय रहते चिकित्सीय सलाह ली जानी चाहिए और नशा मुक्ति केंद्र की मदद लेनी चाहिए। साइकेट्रिक केयर नर्स गौरव गोयल ने युवाओं में पढ़ाई, करियर और सोशल मीडिया के दबाव से बढ़ रहे तनाव, चिंता और अवसाद का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही जरूरी है। गोयल ने सलाह दी कि युवा अपनी समस्याएं परिवार, दोस्तों या काउंसलर से साझा करें, पर्याप्त नींद लें और योग-ध्यान अपनाएं। महाविद्यालय के प्राचार्य ने अध्यक्षता करते हुए छात्रों से नशे के खिलाफ जागरूकता आगे बढ़ाने की अपील की।