श्रीगंगानगर में बिजनेसमैन की हत्या के मामले में कोर्ट ने पति-पत्नी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 4 साल बाद आए इस फैसले में पति-पत्नी ने मिलकर बिजनेसमैन को पहले प्रेम जाल में फंसाया था। घर पर बुला कर फिजिकल रिलेशन बनाने के दौरान बाथरूम में छिपे पति ने उसके सिर पर तवे से वार किया था। इसके बाद एक रेहड़ी पर शव रखकर उसे जला कर फरार हो गए थे। सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कमल लोहिया ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोनों पर 10-10 हजार का जुर्माना भी लगाया है। लोहे के तारों से बांधे से हाथ-पैर अपर लोक अभियोजक राजपाल नायक ने बताया- मामला पुरानी आबादी थाना क्षेत्र का 18 दिसंबर 2022 का है। यहां सुबह 6 जेड रोड पर राधेश्याम छाबड़ा के मकान के पीछे खाली प्लॉट में अधजला शव मिला था। जिसके हाथ-पैर लोहे की तारों से बंधे थे। मृतक की पहचान विजेंद्र सिंह राठौड़ (50) के रूप में हुई थी। जो श्रीलंका में बिजनेसमैन थे। अपर लोक अभियोजक राजपाल नायक ने बताया- पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि हत्या की साजिश विजेंद्र की प्रेमिका जसमीन उर्फ आशु (26) और उसके पति रोहित (27) ने मिलकर रची थी। दोनों कृष्णा कुंज कॉलोनी में किराए पर रहते थे। जसमीन का विजेंद्र से अफेयर चल रहा था और रोहित को भी इसकी जानकारी थी। दोनों जानते थे कि विजेंद्र पैसे वाला है। किराए के मकान में मिलने बुलाया था 17 दिसंबर को जसमीन ने विजेंद्र को फोन कर अपने किराए के मकान में बुलाया। विजेंद्र स्कूटी लेकर पहुंचा। जसमीन का पति रोहित बाथरूम में छुप गया। जब विजेंद्र और जसमीन कमरे में अकेले थे तभी रोहित बाहर निकला। तवे से विजेंद्र के सिर पर जोरदार वार किया। लहूलुहान हालत में पड़े विजेंद्र को जसमीन ने तलवार दिखाकर डराया दोनों एटीएम कार्ड, जेब के पैसे और फोन छीन लिए। विजेंद्र से पिन नंबर भी पूछ लिया। इसके बाद दोनों ने विजेंद्र को तार से बांधकर सिर पर बार-बार तवे और डंडों से वार किए। इस दौरान विजेंद्र की मौत हो गई। रेहड़ी चुराकर लाश को जलाया हत्या के बाद पति-पत्नी ने मजदूर कॉलोनी से एक रेहड़ी चुराई। लाश को पानी की टंकी में डालकर रेहड़ी पर लाद लिया और 6 जेड के खेतों वाले रास्ते पर खाली प्लॉट में ले गए। स्कूटी से पेट्रोल निकालकर लाश जला दी, ताकि पहचान न हो सके। बाद में एटीएम से पैसे भी निकाल लिए। 18 दिसंबर सुबह करीब 6:30 बजे आस-पास रहने वाले भवानी शंकर और सुभाष खटीक ने सबसे पहले जलता हुआ शव देखा। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुरानी आबादी थाना पुलिस, FSL और डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची। सदर थाने में विजेंद्र की गुमशुदगी पहले से दर्ज थी। भाई सतपाल सिंह ने शव की शिनाख्त की। जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। मृतक के मोबाइल की CDR से लोकेशन अबोहर (पंजाब) निकली। वहीं, से रोहित और जसमीन गिरफ्तार हुए। 4 साल बाद हुई उम्रकैद की सजा आरोपी पति-पत्नी ने घटनास्थल, हथियार, रेहड़ी, स्कूटी और पैसे की जगह पुलिस को बताई। जिसके बाद पुलिस ने खून से सना तवा, तलवार, स्कूटी, 19,500 कैश, श्रीलंकाई मुद्रा, एटीएम कार्ड, खून वाली टाइलें और अन्य सबूत जुटाए। जसमीन के हाथ पर विजेंद्र के काटने का निशान भी मिला। पोस्टमार्टम में मौत का कारण हेड इंजरी बताया गया। करीब 4 साल चली सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने 18 गवाह, 106 दस्तावेज और 14 आर्टिकल पेश किए।