श्रीगंगानगर के महाराजा गंगा सिंह मेडिकल कॉलेज में स्टाफ की कमी को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया गया। ये प्रदर्शन गंगानगर युवा मोर्चा और श्रीगंगानगर सरकारी मेडिकल कॉलेज बनाओ टीम की ओर से किया गया। जिसमें टीम के सदस्यों ने कॉलेज के बाहर जमकर नारेबाजी की और जिला प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। साथ ही सभी ने CM से मांग की है कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ-साथ आवश्यक नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति की जाए। मांग पूरी न होने पर लोगों ने आंदोलन को उग्र करने की भी चेतावनी दी है। CM से अस्पताल में विशेषज्ञों की नियुक्ति की मांग सभी ने मुख्यमंत्री से मांग है कि महाराजा गंगा सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ-साथ आवश्यक नर्सिंग और अन्य मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की जाए। इससे श्रीगंगानगर और आसपास के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी और गंभीर मरीजों को दूसरे शहरों में रेफर करने की जरूरत कम होगी। उग्र आंदोलन की चेतावनी टीम के सदस्यों ने चेतावनी देते हुए कहा - अगर जिला प्रशासन और राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेज की और कोई ध्यान नहीं दिया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर कॉलेज के स्टूडेंट सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता व लोग मौजूद रहे संयोजक देवकरण नायक ने बताया- महाराजा गंगा सिंह मेडिकल कॉलेज को बने करीब 4 साल हो चुके हैं और यहां MBBS की कक्षाएं भी नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं है। गंभीर चोट या बीमारी की स्थिति में जब मरीज मेडिकल कॉलेज स्थित अस्पताल पहुंचते हैं तो कई बार डॉक्टर नहीं होने की बात कहकर उन्हें बीकानेर या जयपुर रेफर कर देते हैं। इससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मामले में डॉ. राज मेहरा ने कहा- स्टाफ न होने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए मरीज को निजी वाहन से बीकानेर या जयपुर ले जाना मुश्किल होता है। वहीं गंभीर मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिलने से उनकी स्थिति और बिगड़ने की आशंका रहती है।