श्रीगंगानगर शहर की रिद्धि-सिद्धि एन्क्लेव कॉलोनी में मकान बेचने के नाम पर 46.40 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मकान की रजिस्ट्री करवाकर पूरी रकम लेने के बाद आरोपी अब कथित तौर पर दस्तावेजों के जरिए मकान और पैसे हड़पने की कोशिश कर रहा है। मामला सदर थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दो हिस्सों की रजिस्ट्री करवाकर दिए 46.40 लाख रुपए पुलिस को दी रिपोर्ट में शिकायतकर्ता योगेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया- धर्मेंद्र कुमार रिद्धि-सिद्धि एन्क्लेव स्थित 45×50 फीट का मकान बेचना चाहता था। इसके बाद मकान के दक्षिणी हिस्से की रजिस्ट्री 20 मार्च 2024 को करवाई गई। इस हिस्से के लिए 23.20 लाख रुपए आरटीजीएस के जरिए दिए गए। इसके बाद मकान के उत्तरी हिस्से की रजिस्ट्री 15 अप्रैल 2025 को हुई। इसके लिए 22.20 लाख रुपए आरटीजीएस से और एक लाख रुपए चेक के जरिए भुगतान किए गए। इस तरह दोनों हिस्सों के लिए कुल 46.40 लाख रुपए दिए गए। नया मकान मिलने तक किराए पर रहने की कही बात शिकायतकर्ता के अनुसार, रजिस्ट्री के बाद धर्मेंद्र कुमार और उसके पिता प्रेमचंद ने नया मकान मिलने तक उसी मकान में किराए पर रहने का आग्रह किया। इस संबंध में किरायानामा भी बनाया गया। आरोप है कि शुरुआत में आरोपी ने किराया दिया, लेकिन बाद के तीन-चार महीनों का किराया नहीं चुकाया। योगेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया- जब उन्होंने किराया मांगा तो आरोपी ने मकान वापस रजिस्ट्री कराने की बात कही। गिफ्ट डीड के आधार पर कोर्ट में दावा किया शिकायतकर्ता के अनुसार, इसके बाद प्रेमचंद ने कोर्ट में दावा किया कि धर्मेंद्र कुमार ने 15 मार्च 2021 को अपनी पत्नी वीना की मौजूदगी में मकान उनके नाम गिफ्ट डीड के जरिए कर दिया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस दस्तावेज का इस्तेमाल उसके नाम हुई रजिस्ट्री को रद्द कराने के लिए किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एएसआई जयविंद्र सिंह कर रहे हैं। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों और दस्तावेजों से जुड़ी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।