श्रीगंगानगर जिले के श्रीविजयनगर में रूफटॉप सोलर लगाने के बिजनेस में पार्टनरशिप और भुगतान को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। शिकायतकर्ता ने दूसरे पार्टनर पर लाखों रुपए नहीं देने के आरोप लगाए हैं। मामला श्रीगंगानगर जिले के श्रीविजयनगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस को दी रिपोर्ट में शिकायतकर्ता महेश कुमार निवासी वार्ड नंबर 7 श्रीविजयनगर ने बताया- 1 अप्रैल 2025 को अमरीक सिंह महेश कुमार के पास आया था। उसने घरों पर रूफटॉप सोलर लगाने का काम पार्टनरशिप में शुरू करने की बात कही। दोनों के बीच तय हुआ कि सोलर पैनल और इन्वर्टर अमरीक सिंह उपलब्ध करवाएगा, जबकि अन्य जरूरी सामान महेश कुमार लगाएगा। सामग्री और मजदूरी का खर्च निकालने के बाद बचने वाली राशि दोनों के बीच बराबर बांटने की सहमति बनी थी। इस संबंध में निजी डायरी में शर्तें लिखी गईं और दोनों ने हस्ताक्षर किए थे। महेश कुमार ने बताया कि पार्टनरशिप की शर्तों के अनुसार श्रीविजयनगर और आसपास के क्षेत्रों में कुल 13 घरों पर ऑन-ग्रिड रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए। इनमें श्रीविजयनगर, अनूपगढ़, पदमपुर और आसपास के गांवों के ग्राहक शामिल थे। शिकायतकर्ता ने पैनल और इन्वर्टर को छोड़कर अन्य सामग्री और काम का खर्च उसने वहन किया। सोलर कनेक्शनों पर लोन की राशि अमरीक सिंह की फर्म की वेंडरशिप होने के कारण सूरतगढ़ स्थित एचडीएफसी बैंक खाते में प्राप्त हुई थी। सभी कनेक्शन लगने के बाद महेश कुमार ने पार्टनरशिप का हिसाब करने के लिए कहा, लेकिन अमरीक सिंह इग्नोर करता रहा। 2 जनवरी 2026 तक अमरीक सिंह की ओर 4 लाख 70 हजार रुपए बकाया निकल रहे थे। आरोप है कि पैसे मांगने पर अमरीक सिंह ने पार्टनरशिप और भुगतान से मना कर दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।