श्रीगंगानगर जिले में दूध के उचित भाव तय करने और पशु आहार में कालाबाजारी रोकने की मांग को लेकर दुग्ध उत्पादक किसानों की हड़ताल का गुरुवार को जारी है। हड़ताल के चलते दूध की सप्लाई बंद है और डेयरियां बंद है। जिले के रायसिंहनगर, श्रीकरणपुर, सादुलशहर और अनूपगढ़ में दूध की आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर दूध उत्पादकों और विक्रेताओं के बीच विवाद की स्थिति भी बनी। रायसिंहनगर में सड़क पर बहाया दूध रायसिंहनगर में आक्रोशित दुग्ध उत्पादकों ने चोरी-छिपे दूध लेकर जा रहे लोगों को रोककर दूध छीन लिया और उसे सड़क पर बहा दिया। इससे किसानों और उपभोक्ताओं के बीच टकराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर दूध बहाए जाने से स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखने को मिली। उपभोक्ताओं ने प्रशासन से जल्द विवाद का समाधान कराने की मांग की। किसानों ने सुबह ही कई दूध डेयरियों को बंद करवा दिया। मुख्य बाजार में भी एक-दो दिन बंद रखने को लेकर टकराव की स्थिति बनी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश कर मामला शांत करवाया। रात को दूध विक्रेताओं से मारपीट श्रीकरणपुर में भी हड़ताल का असर दिखाई दिया। कई दूध डेयरियों के शटर बंद रहे और दूध की सप्लाई प्रभावित हुई। हड़ताल के साइड इफेक्ट के तौर पर बीती रात गांधी पार्क के पास दूध उत्पादकों और दूध विक्रेताओं के बीच विवाद हो गया। गाली-गलौज के बाद मारपीट की स्थिति बनी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभाली। दोनों पक्षों की ओर से थाने में परिवाद दिए गए हैं, जिनकी पुलिस जांच कर रही है। गुरुवार को एक दूध डेयरी का शटर खुलने की सूचना पर दूध उत्पादक समिति के सदस्य मौके पर पहुंच गए। जानकारी मिलते ही पुलिस भी वहां पहुंची। दूसरी ओर दूध विक्रेताओं ने गांधी पार्क में आपात बैठक बुलाकर आगे की रणनीति पर चर्चा की। अनूपगढ़ में तीन दिन की हड़ताल अनूपगढ़ में दुग्ध उत्पादक किसानों ने दूध के उचित दाम और पशु आहार की कथित कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग को लेकर बुधवार से तीन दिवसीय दूध हड़ताल शुरू की है। हड़ताल के चलते शहर की कई दूध डेयरियों पर दूध की आपूर्ति प्रभावित रही। इससे आम उपभोक्ताओं को दूध के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। दुग्ध उत्पादक किसानों का कहना है कि वर्तमान में मिलने वाला दूध का भाव उनकी उत्पादन लागत के अनुरूप नहीं है। पशुओं के चारे और पशु आहार की कीमत बढ़ने से दूध उत्पादन की लागत लगातार बढ़ रही है। किसानों का कहना है कि मौजूदा दामों पर उन्हें पर्याप्त मुनाफा नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने दूध के उचित दाम निर्धारित करने, पशु आहार की कालाबाजारी पर रोक लगाने और दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।