पंचायत चुनाव में पर्चा दाखिल करने के लिए बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यह फर्जीवाड़ा सूरजगढ़ से कांग्रेस विधायक श्रवण के बेटे जयप्रकाश के सूरजगढ़ पंचायत समिति के वार्ड 7 से दाखिल नामांकन से जुड़ा है। जयप्रकाश ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और नामांकन स्वीकार करवाने के लिए हाईकोर्ट का फर्जी आदेश एसडीएम को भेजा था। भास्कर पड़ताल में आया कि 16 अक्टूबर को जयप्रकाश नामांकन दाखिल करने एसडीएम दफ्तर पहुंचे। उनका नाम जीणी पंचायत की मतदाता सूची में नहीं था। उन्होंने आरओ को हाईकोर्ट का फर्जी आदेश भेजा था। आरओ ने निर्वाचन अधिकारी से मतदाता सूची का पोर्टल खोलने की सिफारिश की। आयोग ने आदेश की सत्यापित प्रति मांगी, लेकिन वह नहीं दे सके। ऐसे में नामांकन निरस्त कर दिया गया। नगर पालिका में वोटर, लड़ना था पंचायत चुनाव जयप्रकाश का नाम सूरजगढ़ नगर पालिका के वार्ड 25 में है। पंचायत चुनाव के लिए जीणी पंचायत में वोटर बनने के लिए आवेदन किया। अधिसूचना से 10 दिन पहले तक ही नाम जोड़ा जा सकता था। समय बीत जाने के कारण बीएलओ ने नाम जोड़ने से मना कर दिया। जयप्रकाश ने 15 अक्टूबर को हाईकोर्ट में याचिका लगाई। 16 को मामले की सुनवाई हुई और कोर्ट ने 27 अक्टूबर की तारीख दे दी। नाम जुड़वाने के लिए कोर्ट में याचिका लगाई थी। समयावधि निकल जाने से नाम नहीं जुड़ पाया। नामांकन पत्र के साथ कोई ऑर्डर नहीं लगाया। किसी ने एसडीएम साहब को भेजा होगा। मुझे इस बारे में कोई भी जानकारी नहीं है। -जयप्रकाश, विधायक पुत्र जयप्रकाश ने नामांकन के दौरान हाईकोर्ट के आदेश का प्रिंट लगाया था। हमने निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन मांगा था। आयोग ने सत्यापित प्रति मांगी थी, जो उपलब्ध नहीं कराई गई। -संदीप चौधरी, एसडीएम (आरओ) सूरजगढ़ आरओ ने मार्गदर्शन मांगा था। मैंने निर्वाचन आयोग को लिखा था। सत्यापित प्रति मांगी थी, जो अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई। यदि कोर्ट का आदेश फर्जी है तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। -डॉ. अरुण गर्ग, कलेक्टर, झुंझुनूं