भाजपा और कांग्रेस ने अब मेयर, सभापति और चेयरमैन के लिए आंकड़े जुटाने की मशक्कत शुरू कर दी है। इसके ​लिए साम, दाम, दंड और भेद..यानी हर रणनीति अपनाई जा रही है। दोनों ही दलों ने अपने रसूखदार और बड़े चेहरों को फ्री हैंड दे रखा है। इन्हें दो टूक कहा गया है कि जहां बहुमत है, वहां सर्वसम्मति बनानी है और जहां संख्या बल कम है, वहां संपर्क और ताकत का पूरा इस्तेमाल करें। भाजपा में प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और सीएम भजनलाल शर्मा तथा कांग्रेस में प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के हाथ भले ही प्रदेश की कमान हो, लेकिन कई प्रमुख निकायों में जोड़ तोड़ का हिसाब स्थानीय चेहरों को दिया है। इनमें पार्टी लीडर, कारोबारी और इन्फ्लुएंस भी हैं। कुछ जिलों में ऐसे नेता भी हैं जो दोनों दलों से जुड़े हैं। जैसे निर्दलीय विधायक यूनुस खान के संपर्क में बड़ी संख्या में निर्दलीय हैं। अब भाजपा और कांग्रेस नेता दोनों ही उनसे बात कर रहे हैं। कांग्रेस : अजमेर और पाली टारगेट पर भाजपा : अल्पमत वाले भरतपुर, जोधपुर और अलवर में पूरी तैयारी, अजमेर में भी जोड़-तोड़ 15 भाजपा और कांग्रेस के 6 ने चेयरमैन के लिए पर्चा भरा...नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नगर पालिका में 24 प्रत्याशी (28 नामांकन) नगर परिषद में 1 प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल किया है। इनमें भाजपा के 15 प्रत्याशी, कांग्रेस के 6 प्रत्याशी, 4 निर्दलीय प्रत्याशी हैं। खैरथल : कांग्रेस के सभापति के दावेदार विक्की भाजपा में 45 वार्डों वाली खैरथल नगर परिषद में कांग्रेस के सबसे अधिक 20 पार्षद हैं। यहां कांग्रेस का बोर्ड बनना तय था। लेकिन मंगलवार को पार्टी की ओर से सभापति पद के सबसे बड़े दावेदार विक्रम चौधरी उर्फ विक्की ने भाजपा का दामन थाम लिया। उन्होंने 10 पार्षदों के साथ होने का दावा किया है।