जवाहर कला केंद्र के साउथ विंग में इन दिनों स्वदेशी कला और शिल्प की विविध रंगों से सजा स्वदेशी आर्ट एंड क्राफ्ट फेयर लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मेले में राजस्थान सहित देश के अलग-अलग राज्यों से आए शिल्पकार और महिला आर्टिजन अपने हाथों से तैयार किए गए स्वदेशी उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। खास बात यह है कि मेले में देशभर के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिल्पकार भी हिस्सा ले रहे हैं, ऐसे में एक ही मंच पर भारत की अलग-अलग कला और शिल्प परंपराओं की खूबसूरती देखने को मिल रही है। फेयर में राजस्थान के साथ गुजरात, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, ओडिशा, बिहार, जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्यों के शिल्पकार शामिल हुए हैं। अलग-अलग राज्यों से आए इन कलाकारों ने अपने क्षेत्र की पारंपरिक कला को आधुनिक जरूरतों के साथ जोड़ते हुए कई तरह के उत्पाद प्रदर्शित किए हैं।
यहां देखिए मेले के फोटोज…
हस्तनिर्मित सजावटी वस्तुओं से पारंपरिक पेंटिंग तक मेले में रखे गए उत्पाद इसकी सबसे बड़ी खासियत हैं। यहां हस्तनिर्मित सजावटी वस्तुएं, पारंपरिक पेंटिंग्स, लकड़ी की नक्काशी, धातु शिल्प और मिट्टी से तैयार कलाकृतियां लोगों का ध्यान खींच रही हैं। इन वस्तुओं में कारीगरों की बारीक कारीगरी और अलग-अलग क्षेत्रों की पारंपरिक शैली साफ दिखाई देती है। वहीं हैंडलूम उत्पाद, ब्लॉक प्रिंट और विभिन्न तरह के टेक्सटाइल भी लोगों के बीच खास आकर्षण बने हुए हैं। कपड़ों और टेक्सटाइल पर किए गए पारंपरिक डिजाइन, रंगों का संयोजन और हाथ से की गई प्रिंटिंग इसे मशीन से तैयार होने वाले उत्पादों से अलग पहचान देती है। हस्तनिर्मित ज्वेलरी और होम डेकोर भी पसंद फेयर में हस्तनिर्मित ज्वेलरी भी खास आकर्षण का केंद्र है। अलग-अलग क्षेत्रों की पारंपरिक शैली में तैयार की गई ज्वेलरी में स्थानीय कला और डिजाइन की झलक देखने को मिलती है। इसके अलावा होम डेकोर आइटम भी लोगों को पसंद आ रहे हैं। घर को पारंपरिक भारतीय अंदाज देने वाली सजावटी वस्तुओं के साथ आधुनिक डिजाइन में तैयार किए गए उत्पाद भी यहां प्रदर्शित किए गए हैं। मिट्टी, लकड़ी, धातु, कपड़े और दूसरे प्राकृतिक माध्यमों से तैयार उत्पादों की विविधता फेयर को खास बना रही है। कई उत्पाद ऐसे हैं, जिन्हें तैयार करने में मशीनों के बजाय कारीगरों के हाथों और पारंपरिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। महिला शिल्पकारों की खास भागीदारी फेयर में देश के अलग-अलग हिस्सों से आईं महिला आर्टिजन भी अपने उत्पादों के साथ शामिल हुई हैं। वे न केवल अपने पारंपरिक हुनर को प्रदर्शित कर रही हैं, बल्कि सीधे लोगों से संवाद कर अपने उत्पादों की विशेषताओं के बारे में भी जानकारी दे रही हैं। इन महिला शिल्पकारों के लिए यह आयोजन अपने हुनर को बड़े बाजार तक पहुंचाने का अवसर भी है। उनके बनाए उत्पादों में पारंपरिक कला के साथ रचनात्मकता और आधुनिक उपयोगिता का मेल देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिल्पकारों ने बढ़ाई मेले की खासियत फेयर में शामिल राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिल्पकार भी अपने हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में वर्षों से चली आ रही शिल्प परंपराओं को आगे बढ़ाने वाले इन कलाकारों के उत्पादों में बारीक कारीगरी देखने को मिल रही है। इन शिल्पकारों की मौजूदगी से मेले में प्रदर्शित कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। कला प्रेमियों और आम दर्शकों के लिए यह मौका भी है कि वे सीधे शिल्पकारों से उनके काम, तकनीक और परंपरा के बारे में जान सकें।