भास्कर न्यूज | बारां संस्कृत भारती संगठन ने रक्षाबंधन पर्व से शुरू किए संस्कृत सप्ताह का समापन पौधरोपण के साथ किया। संगठन का उद्देश्य सरल विधि से 10 दिवस में संस्कृत बोलना सिखाना है। जिलाध्यक्ष मुकेश सोनी ने बताया कि संस्कृत भारती के जरिए करोड़ों लोगों ने संस्कृत को दैनिक वार्तालाप के रूप में बोलना सीखा है। जिलामंत्री विनायक तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी संस्कृत को बढ़ावा दिया गया है। रक्षाबंधन से 7 दिनों तक चले संस्कृत सप्ताह में स्कूलों में संस्कृत गीत, संस्कृत श्लोकवाचन, निबंध लेखन, श्रुतिलेख, कथा कथन प्रतियोगिताएं हुईं। संस्कृत में रील बनाओ प्रतियोगिता भी कराई गई। सामाजिक क्षेत्र में रक्षासूत्र बंधन हुआ। संस्कृत की अंतरराष्ट्रीय मासिक पत्रिका संभाषण संदेश के ग्राहक बनाए गए। पत्राचार प्रवेश पुस्तक से संस्कृत अध्ययन के लिए छात्र संग्रह किया गया। बारां विभाग सहसंयोजक पीयूष गुप्ता ने बताया कि गतिविधियों का उद्देश्य जिले के विद्यार्थियों और आम नागरिकों को संस्कृत के प्रति जागरूक करना था। जिला उपाध्यक्ष ताराशंकर पंचोली ने बताया कि प्रतियोगिताओं में प्रथम और द्वितीय स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को संगठन की ओर से पुरस्कार और प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। कार्यक्रम में चौथमल सुमन, महेंद्र नागर, मुकेश नामा, महावीर गौतम, राजेंद्र कश्यप, अंकुर माहेश्वरी, महेंद्र सुमन, सत्यनारायण गौतम, हेमराज गोचर, बृजेश शास्त्री, घनश्याम मालव का योगदान रहा। प्रांत प्रचार प्रमुख तरुण कुमार मित्तल ने संस्कृत सीखने के सरल तरीके बताए। अभ्यास करने का आग्रह किया।