एसएमएस अस्पताल में ईएनटी के मरीजों को इलाज से पहले ही लंबी दौड़ लगानी पड़ रही है। रजिस्ट्रेशन, डॉक्टर को दिखाने, जांच कराने और भर्ती होने की पूरी प्रक्रिया अलग-अलग जगह बंटी है। नतीजा- मरीजों के दो से तीन घंटे भवनों के चक्कर लगाने में निकल रहे हैं। ईएनटी की ओपीडी धन्वन्तरि भवन की पहली मंजिल पर है, जबकि जांच, भर्ती और ऑपरेशन की सुविधाएं चरक भवन में हैं। दोनों के बीच बाहर से जाने पर करीब आधा किलोमीटर और अस्पताल के अंदर से 400 से 500 मीटर की दूरी है। डॉक्टर से जांच और फिर रिपोर्ट दिखाने के लिए वापस लौटने पर मरीज को 1000 से ज्यादा कदम चलने पड़ते हैं। बुजुर्ग, बीमार और पहली बार अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए परेशानी और बढ़ जाती है। भास्कर की पड़ताल में कई मरीज और परिजन परिसर में रास्ता पूछते मिले। डॉक्टर से परामर्श के बाद जांच के लिए चरक भवन जाना पड़ता है। रिपोर्ट लेकर फिर धन्वन्तरि भवन लौटना होता है। भर्ती की जरूरत हुई तो मरीज को दोबारा चरक भवन जाना पड़ता है। ईएनटी पर रोज इतना दबाव BERA जांच के लिए 3 से 5 माह की वेटिंग सुनने की क्षमता जांचने वाली BERA जांच के लिए भी मरीजों को 3 से 5 महीने की तारीख मिल रही है। ऐसे में कई मरीज निजी सेंटरों पर 1000 से 2000 रुपए देकर जांच कराने को मजबूर हैं। डॉक्टरों के अनुसार इमरजेंसी और ऑपरेशन वाले मरीजों की जांच उसी दिन की जाती है, जबकि रूटीन मरीजों को वेटिंग दी जा रही है। एक ही जगह शिफ्ट करने की योजना हम ऐसा सिस्टम विकसित कर रहे हैं, जिसमें मरीजों को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिलें। ईएनटी विभाग को एक जगह शिफ्ट करना चाहते हैं, लेकिन फिलहाल जगह की कमी है। संभाग स्तर पर BERA जांच शुरू होने से आने वाले दिनों में वेटिंग भी कम होगी। -डॉ. दीपक माहेश्वरी, प्राचार्य, एसएमएस मेडिकल कॉलेज