कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से हुई पीटीआई भर्ती-2022 में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा हुआ था। इसमें न केवल डमी अभ्यर्थी बैठे, बल्कि फर्जी बीपीएड की डिग्री, फर्जी खेल सर्टिफिकेट से बड़ी संख्या में नौकरी ली गई। जांच के बाद शिक्षा विभाग अब तक फर्जी दस्तावेजों से नौकरी लगे 134 चयनित पीटीआई को सेवा से बर्खास्त कर चुका है। अन्य की जांच चल रही है। इस भर्ती में इतने बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा उजागर करने का श्रेय जाता है जोधपुर के घोडावट निवासी प्रेम गोलिया को। प्रेम ने भी भर्ती में आवेदन किया था, लेकिन अच्छे अंक के बावजूद चयन नहीं हुआ। यहीं से शुरू हुआ फर्जीवाड़े को उजागर करने का सिलसिला। गोलिया ने दस्तावेज सत्यापन के लिए सूचीबद्ध सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेज डाउनलोड कर लिए। इसके बाद इनमें से किसी ने चयन बोर्ड की किसी अन्य भर्ती के लिए आवेदन किया तो उसके दस्तावेज भी डाउनलोड कर लिए। गोलिया ने इनका मिलान किया तो चौंक गए। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी ऐसे थे जिनकी फोटो हर आवेदन में अलग थी। उनकी यूनिवर्सिटी और डिग्री का वर्ष भी जुटा लिए। इसके बाद पीटीआई भर्ती के दस्तावेज सत्यापन हुए। सामने आया कि आवेदन में अभ्यर्थी ने बीपीएड की अलग विश्वविद्यालय की डिग्री लिखी थी तो दस्तावेज सत्यापन में दूसरी पेश कर दी। कुछ ने रिजल्ट के बाद की डिग्री प्रस्तुत कर दी। कई अभ्यर्थियों ने अन्य भर्ती में स्नातक का जो वर्ष अंकित कर रखा था उस साल किसी दूसरे विवि की बीपीएड की डिग्री पेश कर दी। ये सब लेकर गोलिया पहले चयन बोर्ड और फिर एसओजी ऑफिस गए। एसओजी की मदद से फर्जी डिग्री लेने का डिकॉय ऑपरेशन किया। इसमें गोलिया ने 3 लाख रुपए खर्च कर ओपीजेएस यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री ले ली। भर्ती के खिलाफ आवाज उठी तो शिक्षा विभाग ने चयनित पीटीआई के दस्तावेजों की जांच शुरू की। एसओजी की जांच में 1254 अभ्यर्थियों के डेटा आवेदन के समय और दस्तावेज सत्यापन के समय मिसमैच मिले। साथ ही 300 से अधिक डमी अभ्यर्थी चिह्नित किए जा चुके हैं। फर्जी तरीके से चयनित हुए करीब 2 हजार अब भी नौकरी कर रहे हैं।