करौली | करौली सदर थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान फर्जी नंबर प्लेट और बदले हुए इंजन-चेसिस नंबर वाली महिंद्रा मेजर जीप से हथियार बरामद होने के चार साल पुराने मामले में गुरुवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश करौली हरिमोहन मीना ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। कोर्ट ने छोटू उर्फ लौहरे उर्फ जगदीश और पवन कुमार को अधिकतम 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। वहीं शेरू सिंह उर्फ शेरू को भी संबंधित धाराओं में दोषी घोषित किया गया। दोनों आरोपियों पर 68-68 हजार रुपए और शेरू सिंह पर 63 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया। अपर लोक अभियोजक मिथलेश पाल के अनुसार, 1 दिसंबर 2022 को सदर करौली थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने जीप नंबर RJ10 UA 1724 को रोका। जीप में सवार तीन व्यक्ति हथियार लहराते हुए फरार हो गए। चालक छोटू उर्फ लौहरे उर्फ जगदीश को पुलिस ने पकड़ लिया। तलाशी में कब्जे से .315 बोर का देशी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। जांच के दौरान जीप पर लगी नंबर प्लेट फर्जी पाई गई। इंजन और चेसिस नंबर भी घिसे हुए मिले। पुलिस जांच में नंबर प्लेट फर्जी होने और इंजन-चेसिस नंबरों से छेड़छाड़ किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने छोटू उर्फ लौहरे उर्फ जगदीश, पवन कुमार और जगदीश के खिलाफ आरोप-पत्र पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 17 मौखिक गवाह और 28 दस्तावेजी प्रदर्श प्रस्तुत किए।