करौली जिले में टोडाभीम इलाके के मोहन सिंह उर्फ सिद्धू मीना हत्याकांड में पुलिस ने 5 दिन के अंदर दूसरे आरोपी को पकड़ लिया है। इस मामले में एक नाबालिग लड़की को भी डिटेन किया गयाहै। इससे पहले एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका था। पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे पैसों का लेनदेन और पुरानी दुश्मनी वजह है। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी 2 और युवकों की हत्या की प्लानिंग कर रहे थे। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। घर के बाहर से स्कॉर्पियो में जबरदस्ती ले गए थे पुलिस ने बताया कि 17 सितंबर की रात मोहन सिंह उर्फ सिद्धू मीना को उसके गांव सरसैना में घर के बाहर से काली स्कॉर्पियो में जबरदस्ती ले जाया गया था। अगले दिन उसका शव राजकीय कॉलेज टोडाभीम के पीछे एक सुनसान जगह पर मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल व दूसरी जांच टीमों की मदद से सबूत जुटाए। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया गया। मोबाइल पर हुई थी बहस जांच में पता चला कि मृतक मोहन सिंह और आरोपी शैलेन्द्र उर्फ कबीर के बीच पैसों का लेनदेन था। पुलिस के अनुसार, शैलेन्द्र ने मोहन सिंह से 6 हजार रुपए लिए थे। मोहन सिंह ब्याज के साथ 12 हजार रुपए वापस मांग रहा था। इसी बात पर दोनों के बीच मोबाइल पर बहस हुई थी। पुलिस के मुताबिक, इसी दुश्मनी की वजह से हत्या की साजिश रची गई। आरोप है कि आरोपियों ने मोहन सिंह को बहाने से घर से बाहर बुलाया और स्कॉर्पियो में बिठाकर ले गए। बाद में उसे राजकीय कॉलेज के पीछे पहाड़ी की तरफ ले जाकर डंडों और सरियों से हमला किया गया, जिससे उसकी जान चली गई। 10 हजार का इनामी बदमाश पकड़ा पुलिस ने तकनीकी सबूतों और मुखबिरों की मदद से महवा निवासी मयंक जाटव को मेहंदीपुर बालाजी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। मयंक की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम रखा गया था। इस मामले में शैलेन्द्र उर्फ कबीर मीना को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। घटना के बाद आरोपियों को पकड़ने की मांग को लेकर गांव वालों ने धरना-प्रदर्शन भी किया था। पुलिस ने बताया कि टोडाभीम थाना पुलिस, साइबर सेल और जिला स्पेशल टीम ने इस मामले में कार्रवाई की है। बाकी आरोपियों की तलाश अभी जारी है।