राजस्थान के सरकारी स्कूलों में विज्ञान की पढ़ाई को प्रयोगात्मक बनाने के लिए 5 हजार स्कूलों में विज्ञान क्लब खोलने की तैयारी है। इनमें टोंक समेत प्रदेश के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल और पीएमश्री स्कूलों को प्राथमिकता दी गई है। अब तक 1100 से ज्यादा विज्ञान क्लब रजिस्टर्ड किए जा चुके हैं। इन क्लबों में विद्यार्थियों को किताबों और परिभाषाओं तक सीमित रखने के बजाय STEM गतिविधियों, प्रयोगात्मक कार्यशालाओं और लाइव प्रोजेक्ट्स के जरिए विज्ञान सिखाया जाएगा। क्लब बनाने के लिए स्कूल संस्था प्रधान या प्रधानाचार्य को आवेदन करना होगा, जिसके सत्यापन के बाद विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग रजिस्ट्रेशन जारी करेगा। 5 हजार स्कूलों में बनेंगे विज्ञान क्लब शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि विज्ञान क्लबों के जरिए विद्यार्थियों को रटने के बजाय प्रयोग और प्रोजेक्ट के माध्यम से सीखने का मौका मिलेगा। क्लबों में STEM आधारित गतिविधियां, प्रयोगात्मक कार्यशालाएं और लाइव प्रोजेक्ट कराए जाएंगे। इससे छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित होने के साथ रिसर्च और विज्ञान प्रतियोगिताओं की तैयारी का अवसर मिलेगा। 1100 से ज्यादा क्लब रजिस्टर्ड सलावद के अनुसार, प्रदेश में अब तक 1100 से ज्यादा विज्ञान क्लब रजिस्टर्ड हो चुके हैं। योजना के तहत 5 हजार स्कूलों में क्लब बनाए जाने हैं। स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल और पीएमश्री स्कूल भी इसमें शामिल हैं। जिन स्कूलों में विज्ञान विषय इलेक्टिव संकाय के रूप में संचालित है, वे क्लब के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि क्लब के लिए संस्था प्रधान या प्रधानाचार्य निर्धारित प्रारूप में आवेदन डीईओ कार्यालय के माध्यम से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को भेजेंगे। सत्यापन के बाद क्लब का पंजीकरण किया जाएगा। सलावद ने कहा कि इससे ग्रामीण और दूरदराज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों से सीखने और राज्य व राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रतियोगिताओं की तैयारी का मौका मिलेगा।