उदयपुर सेंट्रल जेल में एक ​बार फिर कैदी के पास मोबाइल मिला है। इस संबंध में जेल प्रहरी लक्ष्मणराम ने सूरजपोल थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायत में बताया कि बुधवार करीब 3:30 बजे कैदियों की तलाशी ली गई। इस दौरान विचाराधीन कैदी विक्रम सिंह पुत्र रामसिंह शेखावत निवासी सवाई माधोपुर के कब्जे से की-पेड वाला मय बैटरी मोबाइल मिला। तलाशी के दौरान उसने मोबाइल अपने बाएं हाथ की बाजू के बीच छिपाया हुआ था। जेल प्रहरी ने मोबाइल जब्त कर पुलिस को सुपुर्द किया। वही, पुलिस इस मामले में जांच में जुट गई है। 8 दिन पहले भी मोबाइल मिला था करीब 8 दिन पहले भी इसी जेल में एक हिस्ट्रीशीटर के बैरक से मोबाइल और जली हुई बीडी-सिगरेट मिली थी। ऐसे में बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या जेल में खुलेआम इनका उपयोग हो रहा है। बाहर से कैदियों के पास प्रतिबंधित चीजें कैसे पहुंच रही हैं, क्योंकि कैदियों तक सिर्फ जेल प्रशासन ही पहुंच सकता है। 8 दिन पहले भी मोबाइल, जली हुई सिगरेट-बीडियां, इंडक्शन मिला था इससे पहले घटना 15 सितंबर 2026 को जब सूरजपोल थाना पुलिस जेल का निरीक्षण करने पहुंची थी। उस दौरान हिस्ट्रीशीटर नरेश वाल्मिकी के बैरक की जांच की। जहां से एक मोबाइल बरामद किया। वहीं, जली हुई सिगरेट, बीड़ियां और इसके रेपर भी पड़े मिले। बैरक के पास ही एक इंडक्शन भी मिला। अन्य बैरकों की भी तलाशी ली गई थी लेकिन कुछ बड़ा हाथ नहीं लगा था। हालांकि ये पहली बार नहीं है कि जेल में बीड़ी-सिगरेट, गुटखा-तंबाकू, गांजा और मोबाइल मिले हैं। इससे पहले भी ऐसे मामले आ चुके हैं। जेल प्रशासन इस पर रोक लगाने में पूरी तरह नाकाम हैं।