उदयपुर में गुरुवार को एसआईआर के विरोध में कांग्रेस की ओर से विरोध मार्च निकाला गया। कलेक्ट्रेट के बाहर कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ने लगे, इस पर पुलिस ने उन्हें रोका तो कार्यकर्ता और पुलिस आमने-सामने हो गए। इस बीच कुछ बैरिकेड गिर गए और वहां पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए उन्हें खदेड़ा। कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ने जा रहे थे तब पुलिस ने पीछे किया इस बीच धक्का-मुक्की में कुछ बैरिकेड गिर गए। इसी दौरान माहौल गरमा गया और पुलिस ने भीड़ को पीछे करने के लिए पीछे धकेला। एडिशनल एसपी उमेश ओझा, डीएसपी राजेश यादव सहित करीब तीन से ज्यादा थानों के थानाधिकारियों ने भीड़ को पीछे किया। इस दौरान वीडियो में ये अधिकारी पूरी ताकत भगाते हुए पीछे करते दिखा। इंडिया गठबंधन के आह्वान और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित मार्च में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए और प्रदर्शन करते हुए चुनाव आयोग की कमियों को लेते हुए नारेबाजी की। पहले देखें ये तीन फोटोज… मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाया विरोध मार्च टाउन हॉल से शुरू होकर बापू बाजार और दिल्ली गेट होते हुए कोर्ट चौराहा पहुंचा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर एसआईआर के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। शहर कांग्रेस के अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़ और देहात के नेताओं के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को निशाने पर लिया। संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा की मांग उठाई कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एसआईआर को तत्काल रद्द किया जाए और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही चुनाव आयोग की निष्पक्षता बनाए रखने और लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा की मांग उठाई गई। मार्च में उदयपुर देहात जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, ब्लॉक व मंडल अध्यक्ष, अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी, पार्षद, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसआईआर हटाने और लोकतंत्र एवं मतदाता अधिकारों की रक्षा के नारे लगाए।