खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ केवल पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए रसद विभाग घर-घर जाकर सर्वे कर रहा है। सर्वें में ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है, जो निर्धारित नियमों के अनुसार योजना का लाभ लेने के पात्र नहीं हैं। इसके बाद भी खाद्य सामग्री को उठाया जा रहा है। वहीं योजना के पात्र परिवारों को इससे जोड़ा भी जाएगा। यह अभियान अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक चलाया जा रहा है, उदयपुर में इसकी शुरूआत कर दी गई है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निर्देशानुसार शहरी क्षेत्रों के उन वार्डों में सर्वे किया जाएगा, जहां साल 2011 की जनगणना के मुकाबले 80 प्रतिशत से ज्यादा लोग खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ ले रहे हैं। उदयपुर जिले में फतहनगर-सनवाड़ नगर पालिका के वार्ड संख्या 1, 5, 9 और 10 और मावली के वार्ड संख्या 1 में घर-घर जाकर लाभार्थियों की पात्रता जांची जा रही है। इसके लिए जिला रसद अधिकारी की ओर से गठित जांच दल के सदस्यों ने जांच शुरू की है। सर्वे में अपात्र मिले परिवारों का नाम हटाएंगे सर्वे के दौरान यह जांच की जा रही है कि लाभार्थी खाद्य सुरक्षा अधिनियम के नियमों के अनुसार पात्र हैं या नहीं। जो लोग, निर्धारित मापदंडों के तहत अपात्र पाए जाएंगे, उन्हें स्वेच्छा से योजना छोड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके तहत उनका नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटाया जाएगा। यह कार्रवाई गिवअप अभियान 2.0 के तहत होगी। यदि कोई अपात्र व्यक्ति नाम नहीं हटवाता है, तो नियमानुसार नोटिस और आगे की कार्रवाई की जा जाएगी। अभियान का उद्देश्य केवल अपात्र लोगों को सूची से हटाना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को योजना से जोड़ना भी है। ऐसे परिवार जो खाद्य सुरक्षा योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार पात्र हैं, लेकिन अब तक सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, उनके आवेदन की प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी। इससे पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिल सकेगा। उदयपुर के जिला रसद अधिकारी मणि खींची ने बताया कि अभियान के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चयनित वार्डों के लाभार्थियों की सूची जांच अधिकारियों को उपलब्ध करवा दी गई है। सर्वे निर्धारित समय में पूरा किया जाएगा, ताकि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच सके। इन परिवारों को करेंगे चिह्नित सर्वे के दौरान ऐसे व्यक्तियों और परिवारों को चिह्नित किया जा रहा है, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के नियमों के अंतर्गत एक्सक्लुजन (बहिष्करण) श्रेणी में आते हैं। यानी जो संपन्न हैं, टैक्सपेयर हैं या सरकारी नौकरी/अन्य पात्रता मानदंडों के दायरे से बाहर हैं, उन्हें स्वेच्छा से योजना छोड़ने यानी गिवअप करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस योजना में 5 किलो फ्री गेहूं मिलता है इस योजना से जुड़े पात्र व्यक्तियों को हर महीने 5 किलोग्राम गेहूं सरकार फ्री देती है। इसके अलावा मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत प्रति वर्ष 450 रुपए में 12 गैस सिलेंडर, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के तहत 10 लाख रुपए का सुरक्षा बीमा और मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत कैशलेस मेडिकल बीमा की सुविधा मिलती है। ये खबर भी पढ़िए- सूचना-आयोग ने जिला रसद अधिकारी पर लगाया 5000 का जुर्माना:RTI का 7 महीने देरी से दिया जवाब, दो राशन कार्ड कर दिए थे डिलीट उदयपुर में राशन कार्ड से जुड़ी जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराने पर राजस्थान राज्य सूचना आयोग ने सख्त कार्रवाई की है। आयोग ने जिला रसद अधिकारी (ग्रामीण), उदयपुर पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। (पूरा समाचार पढ़े…)