उदयपुर में नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र जारी किया। कांग्रेस ने दावा किया कि वह नगर निगम में 80 वार्डों में से 45 प्लस सीट जीतकर पहली बार कांग्रेस का बोर्ड और मेयर बनाने जा रही है। भले भाजपा नेताओं ने बंद कमरों में बैठकर अधिकारियों से परिसीमन करवाया हो, फिर भी कई वार्डों में कांग्रेस की एक तरफा जीत तय है। शहर जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ ने कहा कि बीजेपी के नेता अपने आप को भगवान से भी बड़ा समझने लगे हैं। इतना अहम आ गया है कि न तो कार्यकर्ताओं का फोन उठाते हैं और न जनता का फोन उठाते हैं। इस बार जनता ने तय कर लिया है कि नगर निगम से बीजेपी की विदाई करनी है। जानबूझकर मुस्लिम समाज को टारगेट करने का आरोप होटल कजरी में रविवार को कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ और देहात जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने उदयपुर का विकास प्लान रखा। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव के समय जानबूझकर शहर विधायक ताराचंद जैन ने मुस्लिम समाज को टारगेट करते हुए मिनी पाकिस्तान वाला बयान दिया, भाजप में चुनाव से पहले धर्म के नाम पर वोटबैंक को बांटने की पुरानी पंरपरा है। यही नहीं उन्होंने उदयपुर में सीएम के रोड शो पर भी सवाल खड़े किए। देहात जिलाध्यक्ष रघुवीर मीणा ने कहा कि भीड़ के नाम पर बापू बाजार के व्यापारियों को 3 दिन तक परेशान किया गया। जबकि सीएम के रोड शो में किसी की दिलचस्पी ही नहीं थी। रघुवीर मीणा बोले- कार्यकर्ताओं पर प्रचार की कोई पाबंदी नहीं कांग्रेस नेता विवेक कटारा और दिव्यानी कटारा के बीच प्रचार को लेकर हुई बहस पर देहात जिलाध्यक्ष रघुवीर मीणा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोई भी कांग्रेस कार्यकर्ता कहीं भी जाकर प्रचार कर सकता है। पार्टी में प्रचार को लेकर किसी तरह की पाबंदी नहीं है। कांग्रेस का दावा- नगर निगम में बनेगा कांग्रेस का बोर्ड वहीं, शहर जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ ने दावा किया कि उदयपुर नगर निगम के 80 वार्डों में कांग्रेस 45 से ज्यादा सीटें जीतकर पहली बार शहर में अपना बोर्ड बनाएगी और कांग्रेस का मेयर बनेगा। उन्होंने कहा कि उदयपुर की जनता शहर में हुए भ्रष्टाचार का जवाब देने का मन बना चुकी है। राठौड़ ने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत आने वाले शहर के अंदरूनी इलाकों में लोग सालों से परेशान हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने आयड़ नदी प्रोजेक्ट, 272 प्लॉट और पट्टों से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए नगर निगम में छोटे से छोटे काम में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के बीच जाकर पार्षद का चुनाव लड़ रही है, जबकि भाजपा में बोर्ड बनने से पहले ही महापौर पद को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि भाजपा को शहर के मतदाताओं की चिंता नहीं है। उन्होंने आयड़ और एलिवेटेड रोड परियोजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा इन मुद्दों पर वर्षों से सिर्फ राजनीति करती रही है। राठौड़ ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि उनमें इतना अहंकार आ गया है कि वे न कार्यकर्ताओं के फोन उठाते हैं और न ही जनता के। उन्होंने दावा किया कि इस बार जनता ने नगर निगम से भाजपा की विदाई का मन बना लिया है। देहात जिलाध्यक्ष रघुवीर मीणा ने कहा कि कांग्रेस का संकल्प है कि शहर के आमजन को सामाजिक सुरक्षा, अधिकारों की रक्षा और बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा कि लोगों को खाद्य सामग्री से लेकर शहर में मिलने वाली तमाम आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कांग्रेस काम करेगी। बीजेपी के संकल्प पत्र का उदयपुर से लेना-देना नहीं मीणा ने कहा कि बीजेपी की ओर से जारी किया गया संकल्प पत्र प्रदेश स्तर का है और उसका उदयपुर नगर निगम से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इस बार उदयपुर की जनता बोर्ड में बदलाव कर कांग्रेस को जिम्मेदारी देने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस को जो जिम्मेदारी देगी, उसे पार्टी पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निभाएगी। मुख्यमंत्री के उदयपुर में रोड शो को लेकर मीणा ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि कमजोर पहलवान ही मुकाबले में हर तरह के हथकंडे अपनाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राजनीतिक रूप से इतने कमजोर खिलाड़ी हो गए हैं कि उन्हें नगर निगम चुनाव के लिए उदयपुर आकर रोड शो करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पहले नगर निगम या नगरपालिका चुनावों में इस तरह के रोड शो देखने को नहीं मिले। मीणा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी नगर निगम और नगरपालिका चुनावों के दौरान इस तरह के रोड शो या प्रदर्शन नहीं किए। उन्होंने आरोप लगाया कि 200 मीटर की सड़क पर रोड शो के कारण पूरे शहर को जिस तरह की परेशानी हुई, उससे जनता खुश होने के बजाय और नाराज हुई है। कांग्रेस के चुनावी रणनीति को लेकर मीणा ने कहा कि पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ता अपने-अपने वार्ड में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार चुनाव लड़ रहे हैं। वार्ड की जमीनी स्थिति को स्थानीय कार्यकर्ताओं से बेहतर कोई नहीं जानता। उन्होंने कहा कि बड़े नेताओं के कार्यक्रम आयोजित कराकर उम्मीदवारों का समय खराब करने के बजाय पार्टी स्थानीय कार्यकर्ताओं पर भरोसा कर रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को भी अपने कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों पर पूरा विश्वास है।